उत्तरकाशी जिले मे मंगलवार को बादल फटने की अलग अलग घटनाओं ने तबाही मचा दी है, इन घटनाओं के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। बादल फटने की घटनायें गंगोत्री हाई वे पर नेताला, गणेशपुर, सुक्की टॉप और धराली क्षेत्रों मे हुई है, लेकिन सर्वाधिक तबाही धराली मे हुई है, यहाँ बाजार, और कई घरों के साथ ही होटल व होमस्टे भी तबाह हो गए हैं। अब तक कम से कम 70लोग लापता बताए जा रहे हैं, हालांकि प्रशासन ने 4लोगों की मौत की पुष्टि की है।
बादल फटने की घटना से धराली क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों मे एक है, कई जगह भारी मलबा आ गया है, हर्षिल हेलीपैड का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, इसके अलावा क्षेत्र मे कई निजी व सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुँचने की आशंका है।
बादल फटने की घटना के बाद गंगोत्री हाई वे पूरी तरह से बाधित हो गया है, दो स्थानों पर सड़क पूरी तरह से जमींदोज हो गई है, विधुत व संचार सेवा ठप्प हो गई है जिसे बहाल करने के प्रयास शुरू किए गए हैं।
राज्य सरकार ने आपदा मोचन निधि से राहत व बचाव कार्यों के लिए 20करोड़ की राशि जारी की है।
मंगलवार को सांसद अनिल वलूनी, त्रिवेंद्र रावत व माला राज्य लक्ष्मी साह ने केंद्रीय गृह मंत्री से भेंट कर उत्तरकाशी हादसे की विस्तृत जानकारी देते हुए राहत एवं बचाव कार्यों मे सहयोग का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदा कंट्रोल रूम से लगातार मोनेटरिंग कर रहे हैं।
बादल फटने की इस घटना मे सेना के 11जवान भी लापता हो गए थे, अब तक दो जवानों को बचा लिया गया है, जबकि 9जवान अभी भी लापता है।
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