-------प्रकाश कपरुवाण।
जोशीमठ,02जुलाई।जनपद चमोली से सटे नीती-माणा दर्रे सड़क संपर्क से जुड़ने के बाद देश की सीमाओं के दर्शन का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है और सीमा दर्शन यात्रा के माध्यम से रोजगार का भी बेहतर माध्यम उपलब्ध हो सकेगा।
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एवं गढ़वाल लोकसभा के सांसद तीरथ सिंह रावत ने रविवार को भारत-तिब्बत सीमा से सटे रिमखिम व बड़ाहोती क्षेत्र का भ्रमण कर सीमा पर तैनात सीमा प्रहरियों से भेंट की,उन्होंने बड़ाहोती में पवित्र पार्वती कुण्ड के जल का आचमन कर भगवान शिव-पार्वती मंदिर के दर्शन/पूजन किए।
सांसद गढ़वाल श्री रावत के अनुसार माणा पास पर स्थित देवताल एवं रिमखिम के समीप बड़ाहोती मे स्थित पार्वती कुण्ड तक पहुंचने के लिए सड़क सम्पर्क मार्ग न होने पर सीमान्त ग्रामीण प्रतिवर्ष तीज त्योहारों के अवसर पर दोनों सीमाओं तक पहुंचकर पूजा पाठ करते रहें हैं, अब दोनों सीमाएं सड़क संपर्क से जुड़ गई है और इन सीमाओं के दर्शन के लिए आने वालों की संख्या मे भी बृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि श्री बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब-लोकपाल, भविष्य बद्री,व टिम्मरसेणं महादेव जैसे दर्शनीय स्थलों तक पहुंचने वाले श्रद्धालु व पर्यटक भी सीमा दर्शन यात्रा के माध्यम से अपनी सीमाओं के दर्शनों को पहुँच सकेंगें,इससे जहाँ सीमावर्ती गांवों का पलायन रुकेगा वहीं रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद तीरथ सिंह रावत अपने निर्धारित कार्यक्रम के तहत रविवार को मलारी से रिमखिम पहुंचे,जहां से वे पार्वती कुण्ड-बड़ाहोती पहुंचे,इस दौरान सेना व अर्धसैनिक बलों के सीमा प्रहरियों ने उनकी आगवानी की।
सांसद गढ़वाल के सीमा दर्शन भ्रमण के दौरान उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश मैखुरी,भाजपा नेता राकेश भण्डारी, भूपाल सिंह रावत के अलावा जन सम्पर्क अधिकारी विजय सती एवं राकेश सगोई आदि भी मौजूद रहे।
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