जोशीमठ,18 अक्टूबर।
रजिस्टार कानूनगो संघ ने अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की राह पकड़ ली है।मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
उत्तराखंड रजिस्टार कानूनगो संघ वर्षो से अनेक विसंगतियों का निराकरण करने की मांग कर रहा है, लेकिन संघ की न्यायोचित मांगो की अनदेखी की जा रही है।संघ की नौ सूत्रीय मांगों मे नायब तहसीलदार व सहायक भूलेखाधिकारी के पदों पर पदोन्नति का न्याय संगत कोटा निर्धारण किए जाने, रजिस्टार कानूनगो के पदों पुनर्गठन किए जाने, तहसील अभिलेखागार के लिए वस्तावरदार/अनुसेवक की तैनाती किए जाने, कोविड-19 ड्यूटी के लिए रजिस्टार कानूनगो को भी प्रोत्साहन राशि अनुमन्य कराए जाने, रजिस्टार कानूनगो अनुभाग मे कम्प्यूटर प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती किए जाने, एक माह का अतिरिक्त वेतन अनुमन्य कराने, रजिस्टार कानूनगो के रिक्त पदों पर पदोन्नति किए जाने, गोशवारा भत्ता अनुमन्य कराए जाने, तथा तहसील में अवस्थित भूलेख कम्प्यूटर केंद्रों में भूलेख कम्प्यूटर आपरेटर की तैनाती किए जाने की मांग प्रमुख हैं।
रजिस्टार कानूनगो संघ चमोली शाखा के मंत्री नरेन्द्र रावत के अनुसार उत्तराखंड कानूनगो संघ ने सोमवार 18 अक्टूबर से क्रमबद्ध हड़ताल का फैसला लिया है,जिसके तहत18 से 24 अक्टूबर तक प्रतिदिन काली पट्टी बांध कर प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक तीन घण्टे का कार्य वहिष्कार, 25 अक्टूबर को सामुहिक अवकाश लेकर पूर्ण कार्य वहिष्कार व जनपद मुख्यालयों तथा तहसीलों मे धरना प्रदर्शन, और 1 नवम्बर से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू होगी।
0 टिप्पणियाँ