बद्रीनाथ,17 अक्टूबर।
बद्रीनाथ मास्टर प्लान के प्रथम फेज के तहत रीवर फ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में प्रभावित होने वाले पंडा समाज के परिवारों को अस्थाई आवासों मे रहना होगा।इसके लिए देवस्थानम बोर्ड के यात्री निवासों डालमिया कॉटेज, मोदी कॉटेज व चांद कॉटेज में उपलब्धता के आधार पर किराये पर कक्ष आवंटित किए जायेंगे।
देवस्थानम बोर्ड द्वारा यात्री निवासों को दिये जाने की सहमति के बाद जिला प्रशासन ने एसडीएम जोशीमठ की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की है जो किरायानामा संबंधी अनुबंध पत्र तैयार करेगी और उपलब्धता के आधार पर पंडा समाज के परिवारों को आवंटित करेगी।
पंडा समाज के परिवार किराये पर अस्थाई आवासों में कब तक शिफ्ट होंगें यह तो समय ही बताएगा लेकिन प्रभावित होने वाले परिवारों एवं सरकारी भवनों व कार्यालयों की स्थाई ब्यवस्था मास्टर प्लान में क्या है यह भी अभी स्पष्ट नहीं है।
नगर पंचायत बद्रीनाथ के प्रथम निर्वाचित अध्यक्ष बलदेव सिंह मेहता कहते हैं कि प्रभावित होने वाले लोगों के लिए स्थाई योजना क्या है सरकार इस पर कोई बात नहीं कर रही, बिजली, पानी, नगर पंचायत, देवस्थानम बोर्ड व जीएमवीएन के भवनों को ध्वस्त तो किया जा रहा है लेकिन इन्हें स्थाई ब्यवस्था कहाँ और कब तक मिलेगी स्पष्ट नहीं है।
देवस्थानम बोर्ड के अधीन यात्री विश्राम गृह देश के दानियों ने इसलिए निर्मित करवाये थे कि ताकि धामों में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आवास की समस्या से जूझना ना पड़े।लेकिन देवस्थानम बोर्ड के कुछ यात्री निवास तो ध्वस्तीकरण की जद में है, और जो बच गए हैं उन्हें अस्थाई आवासों के लिए किराये पर दिया जाना है।ऐसे में मास्टर प्लान का पूरी तरह धरातल पर उतरने तक धामों मे आने वाले यात्रियों की आवास ब्यवस्था क्या होगी इस पर भी विचार किया जाना आवश्यक होगा।
बहरहाल नगर पंचायत व देवस्थानम बोर्ड के भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है, अब देखना होगा कि पंडा समाज के प्रभावित परिवार किराये के अस्थाई आवासों मे कब तक शिफ्ट होंगें?
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