बद्रीनाथ,17 अक्टूबर।
एमआईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट पुणे-महाराष्ट्र ने भीमपुल माना के पास पौराणिक सरस्वती मंदिर को एक नया व भब्य स्वरूप देते हुए *श्री सरस्वती धाम ज्ञान-विज्ञान मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य पूरा कर लिया है। अब 19 अक्टूबर को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम होगा और 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी इस भब्य मंदिर का विधिवत उदघाटन करेंगें।
इस उदघाटन समारोह में केरल के राज्यपाल आरिफ़ मोहम्मद खान, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, डॉ विश्वनाथ कराड, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री राजेश टोपे व माना के प्रधान पीताम्बर सिंह मोलपा सहित अनेक हस्तियां मौजूद रहेंगें।भीमपुल-माना के इस सरस्वती मंदिर के कायाकल्प होने की उम्मीदें वर्ष 2009 में तब बन चुकी थी जब एमआईटी ग्रुप के कर्वे जी महाराज, पद्मभूषण विजय बटकर एवं डॉ विश्वनाथ कराड ने भगवान बद्रीविशाल के दर्शनों के बाद देश के अन्तिम गांव माना व भीमपुल का भ्रमण किया था, तब बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर नौटियाल की प्रेरणा से माना ग्राम पंचायत की तत्कालीन प्रधान गायत्री देवी व वर्तमान प्रधान पीताम्बर सिंह मोलपा ने एमआईटी ग्रुप को सरस्वती मंदिर के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव दिया था, और लंबी वार्ता के बाद ग्रुप ने सरस्वती मंदिर के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया।
प्रधान श्री मोलपा के अनुसार माना मे हुई वार्ता के बाद एमआईटी ग्रुप ने उन्हें पुणे बुलाया और वे बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष एनके नौटियाल के साथ पुणे पहुंचे, और जीर्णोद्धार की रूपरेखा तैयार की गई।लेकिन जीर्णोद्धार की प्रक्रिया शुरु नहीं हो सकी, हालांकि यदा कदा ग्रुप से संपर्क होता रहता था,। श्री मोलपा ने बताया कि करीब12 वर्षों के अंतराल के बाद गत वर्ष ग्रुप ने उन्हें पुनः पुणे बुलाया और जीर्णोद्धार की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई। गत17 अगस्त को एमआईटी की टीम मय साजो सामान के साथ माना पहुंची और 18 अगस्त से जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हुआ और अब भब्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है।
देश के अंतिम छोर के इस पौराणिक धरोहर को संरक्षित करते हुए सरस्वती मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए श्री मोलपा ने एमआईटी ग्रुप का देवभूमि उत्तराखंड की ओर से आभार व्यक्त किया है।
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