हिमशिखरों की तलहटी से नन्दा रूपी ब्रह्मकमल को लेकर फुलारी पहुंचे नन्दा मंदिरों में।

--------- प्रकाश कपरूवान।
जोशीमठ,13 सितम्बर।
मूसलाधार बारिश व कड़ाके की ठंड भी नहीँ डिगा सकी नन्दा भक्तों की आस्था, उच्च हिमालयी पर्वत श्रृंखलाओं की तलहटी से फुलारी पवित्र ब्रह्मकमल पुष्पों को लेकर नन्दा मंदिरों मे पहुँचे,इसी के साथ शुरू हो गया है नंदाष्टमी का पर्व।
उत्तराखंड के गाँव गांव में नंदाष्टमी की धूम है, पैनखंडा जोशीमठ में नंदाष्टमी पर्व को वड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।पैनखंडा के कुछ  गाँव मे नन्दा मेला षष्ठी की तिथि से ही शुरू हो गया है जो नंदाष्टमी के बाद नवमी तिथि तक जारी रहेगा।परंपरा के अनुसार कहीं सप्तमी तिथि को ही ब्रह्मकमल लाये जाते हैं तो कहीं अष्टमी तिथि को।
जोशीमठ नगर के डाडो व परसारी के साथ ही बामणी-बद्रीनाथ, मेरग,बड़ागाँव, भ्यूंडार, सेलँग, सलूड- आदि अनेक गांवो में सप्तमी तिथि को नन्दा रूपी ब्रह्मकमल लाने की धार्मिक परंपरा है।
जोशीमठ नगर के नन्दा मंदिर डा डो पहुंचे फुलारियों को पूरे धार्मिक प्रक्रियाओं के बाद मंदिर मे प्रवेश कराया गया, इस वर्ष यहां पहली बार नन्दा धाम कुरुड़ से जागर वेत्ता पहुंचे हैं जो पूरी रात्रि नन्दा जागरों से मां नन्दा का आह्वान करते हुए पूरे वातावरण को नंदामय करेंगें।

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