जीवन बचाने को एक बार फिर गुफाओं में छिपे ग्रामीण,नहीं हुआ स्थाई समाधान।

------------ प्रकाश कपरूवान।
जोशीमठ,26 सितम्बर।
मूसलाधार बारिश के बाद फिर हुआ चट्टान टूटने का क्रम शुरु हो गया है, बीती रात को चट्टान टूटने से जुगजू के ग्रामीण जान बचाने को गुफाओं मे छिपे।
सीमान्त जोशीमठ के नीती घाटी के जुगजू गांव पर आया संकट टलने का नाम नहीं ले रहा, बीते कुछ दिनों से चट्टान टूटने का क्रम थमने के बाद बीती रात्रि को 9 बजे मूसलाधार बारिश शुरू हुई और करीब सवा दस बजे से चट्टान कहर बनकर टूटना शुरू हुई।चट्टान टूटने की आवाज सुनते ही ग्रामीणों ने घरों से भागकर गुफाओं में शरण ली।
जुगजू गांव के ग्रामीण वर्षो से विस्थापन की मांग कर रहे हैं, भूगर्भीय सर्वेक्षण रिपोर्ट मे भी जुगजू गांव के ऊपर से चट्टान टूटने और निचली ओर से धौली गंगा के कटाव के कारण गांव को खतरा बताते हुए विस्थापन की अनुशंसा की थी,वाबजूद विस्थापन की कार्यवाही नहीं हुई और इस गांव के17 परिवार जीवन और मौत के बीच झूलते हुए किसी तरह डर के साए मे जीवन यापन करने को विवस हैं।
जुगजू गांव निवासी  पूर्व  क्षेत्र पंचायत सदस्य संग्राम सिंह के अनुसार हालांकि स्थानीय प्रशासन द्वारा ग्रमीणों की चिंता करते हुए प्राथमिक विद्यालय मे आवास एवं खाद्यान्न की ब्यवस्था की है, लेकिन यह स्थाई समाधान नहीं है।ऐसे में आखिर कब तक ग्रामीण खानाबदोश जिन्दगी जीते रहेंगें।

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