ज्योतिर्मठ।
शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम विद्या निकेतन का वार्षिकोत्सव समारोह धूम धाम से मनाया गया, बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी।
आद्य जगदगुरु शंकराचार्य की तपस्थली ज्योतिर्मठ के नौनिहालों को संस्कारित शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा दिए जाने से उद्देश्य से ज्योतिषपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम जी महाराज ने स्थानीय भक्तमंडली के आग्रह पर वर्ष 1999मे इस विद्यालय की स्थापना की जो विगत 26वर्षों से अनवरत संचालित हो रहा है।
शनिवार को विद्यालय परिसर मे आयोजित वार्षिकोत्सव समारोह का दीप प्रज्ज्वलन के बाद विधिवत शुभारंभ हुआ। अपने सम्बोधन मे विद्यालय के प्रबंधक /श्री बद्रीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी आचार्य भुवन चन्द्र उनियाल ने कहा कि ब्रह्मलीन शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम जी महाराज ने सीमांत नगर के निवासियों के लिए इस विद्यालय की नींव रखी है, जिसे उनके सपनों के अनुसार बेहतर बनाने की जिम्मेदारी हम सब की है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के चहुमुखी विकास के लिए समय समय पर प्रयास होते रहे, लेकिन जोशीमठ भू धसाव आपदा के बाद सबसे ज्यादा असर इसी विद्यालय पर पड़ा जो अब धीरे धीरे उभर रहा है।
श्री उनियाल ने शंकराचार्य स्वामी माधवाश्रम "श्रीमठस्थली" के प्रबंधक अच्युत्यानन्द जी महाराज से विद्यालय पर कृपादृष्टि बनाए रखने का आग्रह किया।
समारोह को श्रीमठस्थली के प्रबंधक अच्युतानन्द जी महाराज एवं पीटीए अध्यक्ष सीमा शाह ने भी सम्बोधित किया। अध्यापिका विनीता भट्ट एवं अध्यापक अनिल पंवार के संचालन मे हुए कार्यक्रम विद्यालय की प्रधानाचार्य नीलम नवानी ने विद्यालय की वार्षिक आख्या प्रस्तुत की।
समारोह मे विद्यालय प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष शम्भू प्रसाद नंबूरी, बीकेटीसी के प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट, संस्थापक शिक्षक महाबीर फर्सवाण, सिंहधार वार्ड की पालिका सभासद राजेश्वरी भण्डारी, संस्कृत माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविन्द प्रकाश पंत,दिनेश नंबूरी, पीटीए अध्यक्ष सीमा शाह, एवं महिला मंगल दल सिंहधार के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या मे अभिभावक मौजूद रहे।


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