ज्योतिर्मठ।
उत्तराखण्ड संस्कृत संस्थानम्, हरिद्वार द्वारा आयोजित खण्ड स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिता के अन्तर्गत वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताएँ श्री बदरीनाथ वेद वेदांग संस्कृत उत्तरमध्यमा विद्यालय, ज्योतिर्मठ के प्रांगण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुईं।
गुरुवार को कार्यक्रम का शुभारम्भ श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती एवं विशिष्ट अतिथि मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगण, पूर्व धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल,बीकेटीसी सदस्य राकेश भंडारी ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया।
अपने उद्बोधन में उपाध्यक्ष श्री सती ने संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार, वैदिक परम्परा के संरक्षण तथा युवाओं को संस्कृत से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि संस्कृत भाषा को जन जन की भाषा बनाने से समाज में फैले अनेक कुरीतियों से मुक्ति मिल सकती है, उन्होंने छात्रों से कठिन परिश्रम कर अपने देश के विकास में योगदान का आवाहन किया।
खण्ड संयोजक/प्रधानाचार्य अरविन्द पंत ने बताया कि इस प्रतियोगिता में ज्योतिर्मठ खण्ड के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने वरिष्ठ वर्ग में नाटक, समूह गान, आशु भाषण वाद विवाद श्लोकोच्चारण प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समापन दिवस पर वरिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिताएँ सम्पन्न हुई इस प्रतियोगिता में नाटक में संस्कृत महाविद्यालय प्रथम, उत्तरमध्यम विद्यालय द्वितीय, समूह गान में संस्कृत महाविद्यालय प्रथम उत्तरमध्यमा विद्यालय द्वितीय, पीएम श्री बालिका इंटर कॉलेज तृतीय रहे। संस्कृत समूह नृत्य में बालिका इंटर कॉलेज ज्योतिर्मठ प्रथम, राजकीय इंटर कॉलेज बड़ागांव द्वितीय एवं राजकीय इंटर कॉलेज तपोवन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, वाद विवाद प्रतियोगिता में महाविद्यालय के मनीष डिमरी, अमन सेमवाल प्रथम, उत्तरमध्यमा विद्यालय के छात्र दिव्यांशु, रोहन द्वितीय रहे, आशु भाषण में कृष्णा तिवारी प्रथम तथा सौरभ जोशी द्वितीय, श्लोकोच्चारण में मनीष डिमरी प्रथम तथा दीपेश मैखुरी द्वितीय रहे।
कार्यकम का संचालन डॉ आशीष भट्ट, जगदीश जोशी व डॉ मनीष ने किया।



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