ज्योतिर्मठ।
तपोवन-विष्णुप्रयाग जल विद्युत परियोजना को लेकर चल रहा प्रभावितों का धरना जिलाधिकारी गौरव कुमार द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद स्थगित करने पर सहमति बन गयी है ।जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील प्रशासन, एनटीपीसी और परियोजना प्रभावित गांव के जन प्रतिनिधियों की बैठक हुयी आयोजित, बैठक में एनटीपीसी के अधिकारियों की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को रोजगार देने और चारापत्ती के मुआवजे के लिए उच्चाधिकारियों से वार्ता कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
बुधवार को जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जोशीमठ तहसील सभागार में तहसील प्रशासन, एनटीपीसी और परियोजना प्रभावित गांव के जन प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी के सम्मुख विभिन्न बिंदुओं को लेकर चर्चा की गई। जिसमें जिलाधिकारी ने प्रभावितों की मांग के अनुरूप परियोजना कार्य में स्थानीय युवाओं को क्षमता के अनुरूप नियमों के अनुसार रोजगार देने के निर्देशित किया। साथ ही उन्होंने चारापत्ती के मुआवजे के लिए शासन व भारत सरकार से वार्ता कर निस्तारित करने और एनटीपीसी के अधिकारियों को कंपनी प्रबंधन से पत्राचार कर मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के बात कही। इस दौरान अन्य विषयों पर चर्चा करते हुए जन प्रतिनिधियों की ओर से सहमति प्रदान की गयी ।
धरना प्रदर्शन व आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रधान संगठन के अध्यक्ष मोहन लाल बजवाल ने कहा कि सीमांत ब्लॉक ज्योतिर्मठ मे भारत सरकार के उपक्रम की दो अलग अलग परियोजना एँ निर्माणाधीन है, एक परियोजना द्वारा प्रभावितों को चारा पत्ती का मुआवजा दिया जा रहा है, और दूसरी परियोजना की निर्मात्री एनटीपी सी द्वारा नहीं दिया जा रहा है। इस पर परियोजना प्रमुख ने बीस दिनों मे इस पर निर्णय लिए जाने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, उप जिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ, एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक एके शुक्ला, एजीएम "एचआर" सुगाता दास गुप्ता, उप महा प्रबंधक डी एस गर्बयाल, भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष प्रदीप फर्शवान, प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष मोहन लाल बजवाल, सभासद प्रवेश डिमरी, ग्राम प्रधान पूनम पंत, रोशना देवी, विनीता देवी, लक्ष्मी देवी, मिथलेश फर्स्वाण, क्षेत्र पंचायत सदस्य वर्षा देवी, विपुल आदि मौजूद थे।

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