नशे के विरुद्ध जागरूकता ही एकमात्र उपाय :- पुनीत कुमार।

 ज्योतिर्मठ।

                  राजकीय महाविद्यालय जोशीमठ के 'एन्टी ड्रग्स सेल' के द्वारा आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चिचयन प्रकोष्ठ( आई.क्यू.ए.सी. ) और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली के समन्वय से एडुसैट सभागार में  नशामुक्ति पर एक व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता सिविल जज/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली के सचिव पुनीत कुमार थे, कार्यक्रम मे महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर प्रीति कुमारी के द्वारा न्यायाधीश का स्वागत और सम्मान किया गया।

          "नशामुक्ति के बारे में न्यायिक साक्षरता" विषय पर अपने प्रेरक व्याख्यान में श्री पुनीत कुमार ने कहा कि युवाशक्ति राष्ट्र का मेरुदंड  होती है और नशे और ड्रग्स की लत इसी युवा भारत को कमज़ोर और खोखली कर रही है, उन्होंने कहा कि शरीर और स्वास्थ्य के प्रति व्यापक सामाजिक जागृति, एन.डी.पी.एस.एक्ट 1985 का कठोर अनुपालन, संयम और आत्म- नियंत्रण का भाव और विवेक आधारित उच्च शिक्षा के द्वारा ही नशे और ड्रग्स की चुनौती से लड़ा जा सकता है। उन्होंने नशे की प्रवृत्ति, प्रकार और नशे अथवा ड्रग्स की लत से बाहर आने के व्यवहारिक सुझावों पर भी मंथन किया और युवाओं से अपील की कि वे अपने घर परिवार के साथ साथ आस पड़ोस के वातावरण पर भी पैनी नज़र रखें और नशे के कारोबार और तस्करी की निर्भय होकर रिपोर्ट करें। 

         इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्राविधिक कार्यकर्ता  जिला रेड क्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष ओम प्रकाश डोभाल, डॉ.जी.के.सेमवाल, एन्टी ड्रग्स सेल की टीम और महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे। 

           एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर डॉ. राजेन्द्र सिंह और एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ.धीरेंद्र सिंह द्वारा विशेष सहयोग किया गया। कार्यक्रम का संचालन एन्टी ड्रग्स सेल के नोडल अधिकारी डॉ. चरणसिंह केदारखंडी ने किया।

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