ज्योतिर्मठ।
एनटीपीसी द्वारा निर्माणाधीन तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों का धरना -प्रदर्शन लगातार जारी है, प्रभावित ग्रामीणों ने सीएम को पुनः ज्ञापन भेजकर स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि पांच दिनों के भीतर सभी मांगो पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुए तालाबंदी व तहसील मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
एक अप्रैल से शुरू हुए प्रभावित ग्रामीणों के धरना प्रदर्शन के छठें दिवस सोमवार को भी बड़ी संख्या मे ग्रामीणों ने पहुंचकर कार्यदायी संस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कर्मकार बोर्ड के सदस्य कृष्णमणि थपलियाल, अजीतपाल रावत, सरपंच मोहन सिंह रावत, शुभम रावत, बलबीर सिंह बिष्ट, बुद्धि सिंह झिँक्वाँन, मूसली देवी, बीना देवी देवेन्द्र खनेड़ा, गोविंद विश्वकर्मा, धीरेन्द्र, सूरज, धर्मपाल बजवाल, मोहन चमोला, योगेश थपलियाल, लक्ष्मी देवी सतीश डोभाल, आदि अनेक प्रभावित ग्रामीण धरना -प्रदर्शन मे शामिल हुए।
इधर प्रधान संगठन ज्योतिर्मठ के अध्यक्ष मोहन लाल बजवाल के नेतृत्व मे एक प्रतिनिधि मंडल ने एसडीएम के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजा गया, जिसमे रोजगार, भंग्यूल पुल निर्माण, टीएचडीसी की तर्ज पर चारा पत्ती का मुआवजा, टनल निर्माण से गावों को होने वाले संभावित खतरों को देखते हुए प्रभावित गावों का आंकलन करने, टनल निर्माण से सूख चुके प्राकृतिक जल स्रोतों के कारण उत्पन्न पेयजल समस्या का निराकरण करने, बाहरी राज्यों के कार्यरत कर्मचारियों व मजदूरों का तिमाही सत्यापन कराने सहित 15सूत्रीय मांगो पर अविलम्ब कार्यवाही की मांग की गई है।
ज्ञापन मे कहा गया है कि यदि पांच दिनों के भीतर मांगो पर निर्णय नहीं हुआ तो कार्यदायी कम्पनी की सभी आकस्मिक सेवाओं को ठप्प करने के साथ ही एनटीपीसी कार्यलय पर तालाबंदी एवं तहसील मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।


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