सीमा विमर्श व सीमा दर्शन के माध्यम से राष्ट्र निर्माण मे युवाओं की भागीदारी पर आयोजित हुआ संवाद कार्यक्रम

 ज्योतिर्मठ, 27दिसंबर।

                   सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज जोशीमठ ब्लाक एनएसएस  के छात्रों के बीच में  सीमा विमर्श व सीमा दर्शन संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ, कार्यक्रम में गुरु गोविंदसिंह चार साहबजादे के चित्रों पर पुष्प अर्पित करते हुए सीमा जागरण मंच प्रदेश संगठन कर्ता आशीष वाजपेयी, शंभू प्रसाद चमोला, बद्रीनाथ धाम की पूर्व धर्म अधिकारी भुवन चंद्र उनियाल उपस्थित रहे।

           संवाद कार्यक्रम में आशीष वाजपेयी ने युवाओं के बीच राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी बहुत महत्वपूर्ण है, उन्होंने कहा कि सीमा विमर्श और सीमा दर्शन के माध्यम से युवाओं को सीमाओं पर होने वाली गतिविधियों और घटनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बार्डर की सीमाएं तिब्बत नेपाल चाइना बॉर्डर से लगती हैं, इन सीमाओं के गांवों में रहने वाले लोग अनेक प्रकार की चुनौतियों का सामना करते हैं, जैसे कि अवैध घुसपैठ, आतंकवाद, नशा और तस्करी। बदल रही डेमोग्राफी देश विरोधी गतिविधियों और घटनाओं के बारे में सचेत रहना हर नागरिक का कर्तव्य है।

            उन्होंने कहा कि उत्तराखंड तिब्बत चाइना बॉर्डर के गांव में बॉर्डर पहरी बनकर उत्तराखंड की सीमाओं को सुरक्षित और जागृति करना बहुत महत्वपूर्ण है, और युवाओं को इस राष्ट्र कार्य में भाग लेना चाहिए। पूर्व धर्म अधिकारी श्री भुवन चंद्र उनियाल जी ने श्री सीमांत क्षेत्र की विविध समस्याओ के बारे में बताया । इस अवसर पर शंभू प्रसाद चमोला प्रधानाचार्य व राष्ट्रीय स्वयंसेवक-विभाग प्रचार प्रमुख शंभू प्रसाद चमोला, कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री भुवन चंद लाल जी ने की इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य  बद्री सिंह नेगी, विद्यालय के आचार्य प्रकाश पवार, आशुतोष डोभाल रविंद्र कुमार, नितिन भट्ट, ओम प्रकाश, चंद्रकला, मंजू कपरुवाण, आरती, संगीता, करिश्मा, उषा, दीपा तथा सीमा से लगे गावों के एनएसएस के स्वयं सेवी छात्र उपस्थित रहे।

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