ज्योतिर्मठ, 24 दिसम्बर।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ के सभागार में उत्तराखंड राज्य निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ और उत्तराखंड में गांधीवादी राजनीति और विचार के पैरोकार स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी की जन्म शताब्दी वर्ष पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया 'उत्तराखंड के गाँधी' नाम से विभूषित इंद्रमणि बडोनी के चित्र पर दीप प्रज्वलित और पुष्पांजलि अर्पित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर प्रीति कुमारी ने कहा कि बडोनी पृथक उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन के एक मजबूत योद्धा तो थे ही, साथ ही उत्तराखंड के विकास के लिए जिस मूल्य आधारित और सम्पोषित विकास की अवधारणा की आज आवश्यकता है वह उसके भी महत्वपूर्ण प्रेरणा हैं।
प्राचार्य ने गढ़वाली भाषा में भाषण देते हुए कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल के संस्थापक सदस्य रहे बडोनी जी के पास इस हिमालयी राज्य की संस्कृति और प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन को लेकर एक अनूठी दृष्टि थी जिस पर गांधीवाद की अमिट छाप थी ।
राजनीति विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजेन्द्र सिंह के द्वारा गढ़वाली भाषा में कुशल मंच संचालन किया गया और विषय की विस्तार से भूमिका रखी गई। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष और इतिहास विषय में परास्नातक के छात्र सौरभ सती ने विस्तार से 'उत्तराखंड के गाँधी' का जीवन परिचय दिया और उन्हें समकालीन उत्तरराखंडी राजनीति के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा बताया।
बी. ए. प्रथम सेमेस्टर की छात्रा प्रभा ने अपने भाषण में बडोनी जी को याद करते हुए कहा कि पारदर्शी चरित्र की दौलत के दम पर उन्होंने उत्तराखंड/उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपना मुकाम हासिल किया और देश की राजनीति के लिए लंबी लकीर खीचीं। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रोफेसर सत्यनारायण राव सहित महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे।


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