जोशीमठ/पांडुकेश्वर, 12 जनवरी।
यात्राकाल में भगवान श्री बदरीश पंचायत में विराजित देवताओं के खजांची श्री कुबेर जी के शीतकालीन प्रवास पांडुकेश्वर स्थित नव निर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का तीन दिवसीय कार्यक्रम शुक्रवार को जल कलश यात्रा तथा शुद्धिकरण/ हवन के साथ शुरू हो गया है।
15 जनवरी मकर सक्रांति के दिन श्री कुबेर जी नये मंदिर में विराजमान हो जायेंगे। उल्लेखनीय है कि श्री उद्धव जी तथा श्री कुबेर जी श्री बदरीनाथ यात्रा समापन के बाद शीतकाल के छ माह श्री पांडुकेश्वर में निवास करते है।
आज सर्वप्रथम आचार्य गणों के साथ पांडुकेश्वर महिला मंगल दल ने अलकनंदा तट से योग बदरी पांडुकेश्वर तथा कुबेर मंदिर तक जल कलश यात्रा निकाली। उसके पश्चात शुद्धिकरण हवन यज्ञ शुरू हो गया तथा मकर संक्रांति तक पूजा अर्चना चलती रहेगी।
श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) उपाध्यक्ष किशोर पंवार लगातार तीन दिन तक पूजा में रहेंगे।
बदरीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल सहित, दीपक शास्त्री, पुजारी परमेश्वर डिमरी पूजा- अर्चना हवन एवं प्राण प्रतिष्ठा संपन्न करेंगे।
उल्लेखनीय है कि श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति सहित खाक चौक आश्रम बदरीनाथ के परमाध्यक्ष बाबा बालक योगेश्वरदास जी महाराज ने श्री कुबेर मंदिर निर्माण जीर्णोद्धार में सहयोग किया है।
इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष किशोर पंवार, सहित कुबेर देवरा समिति अध्यक्ष अनूप भंडारी,उपाध्यक्ष राजेश मेहता,सरपंच जसबीर मेहता,ग्राम प्रधान बबीता पंवार,महिला मंगल दल अध्यक्ष बीना पंवार, कुबेर पश्वा अखिल पंवार, घंटाकर्ण पश्वा संजीव भंडारी,कैलाश के पश्वा सत्यम राणा, नंदा के पश्वा भगत सिंह सहित दिगंबर पंवार, नवीन भंडारी,अमित पंवार, हरेंद्र कोठारी, विकास सनवाल आदि मौजूद रहे।
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