बदरीनाथ-जोशीमठ, 23 अक्टूबर।
विजयादशमी के पावन पर्व पर 24अक्टूबर को भगवान बद्रीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए बन्द किए जाने का मुहूर्त तय होगा।
विजयादशमी पर्व पर मंदिर परिक्रमा परिसर में आद्य जगद्गुरु शंकराचार्य की पवित्र गद्दी को साक्षी मानते हुए श्री बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी श्री रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी की मौजूदगी मे धर्माधिकारी आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल पंचांग गणना के बाद इस शीतकाल के लिए कपाट बन्द किए जाने का मुहूर्त तय करँगे।
श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय के अनुसार कपाट बन्द किये जाने की तिथि घोषित करने के लिए आयोजित धार्मिक समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
श्री बद्रीनाथ के प्रभारी अधिकारी अनिल ध्यानी के अनुसार भगवान बद्रीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जाने के लिए मुहूर्त तय करने से पूर्व 24 अक्टूबर को प्रातः दस बजे राजभोग घंटी,साढ़े दस बजे भोग, साढ़े ग्यारह बजे दरबार सुसज्जित होगा और ठीक बारह बजे से मुहूर्त निर्णय की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। इसके लिए सभी संबंधितों को आवश्यक दिशा/निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इधर बीती15 अक्टूबर से नवरात्रि के शुभ अवसर पर श्री बदरीनाथ मंदिर परिसर में शुरू हुई नवरात्रि पूजा का सोमवार नवमी पर्व पर हवन यज्ञ के साथ समापन हो गया।
इस अवसर पर रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी,श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति( बीकेटीसी) उपाध्यक्ष किशोर पंवार, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, वेदपाठी रविन्द्र भट्ट,नायब रावल अमर नाथ नंबूदरी, सहायक मंदिर अधिकारी राजेन्द्र सेमवाल, बाबा उदय सिंह डा. हरीश गौड़,आचार्य विजय पांडेय, राजेंद्र तिवारी,आशीष उनियाल, विकास सनवाल, संजय भंडारी आदि पूर्णाहुति में शामिल हुए।
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