भगवान बद्रीविशाल की जन्मस्थली लीला ढुङ्गी मे अभिषेक-पूजा के उपरांत नर नारायण महोत्सव का हुआ समापन।।


 बदरीनाथ/ जोशीमठ,21 अगस्त।  
 शुद्ध श्रावण मास के हस्त नक्षत्र के शुभ मुहूर्त पर श्री बदरीनाथ धाम में दो-दिवसीय  नर- नारायण महोत्सव का बदरीपुरी भ्रमण तथा नर- नारायण जी के अभिषेक के पश्चात समापन हो गया  है।  
सोमवार को पूर्वाह्न दस बजे  बदरीनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के पश्चात  भगवान श्री नर-नारायण जी की देवडोली भक्तों को आशीष देने बदरीपुरी के भ्रमण पर निकली,इस अवसर पर बामणी तथा संपूर्ण बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं ने नर नारायण जी की  देवडोली के दर्शन किये तथा पुष्पवर्षा से स्वागत किया। 
भगवान बदरीविशाल की जन्मस्थली लीलाढूंगी पहुंचने पर धर्माधिकारी आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल तथा वेदपाठियों की उपस्थिति में श्री बद्रीनाथ धाम के नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी ने भगवान नर-नारायण की अभिषेक पूजा संपन्न की तथा भोग लगाया। इसके पश्चात अपराह्न सवा तीन बजे भगवान नर नारायण की विग्रह मूर्त्तियां देवडोली सहित श्री बदरीनाथ मंदिर प्रांगण में विराजमान हुई।  
 बीते रविवार को भगवान नर- नारायण जी की विग्रह डोली ने मातामूर्ति मंदिर प्रस्थान किया।  मान्यता है  सतयुग में नर- नारायण ने श्री बदरीनाथ धाम में भगवान नारायण की घोर तपस्या की। तथा सहस्र कवच नाम के दैत्य का वध किया।
द्वापर में नर ने अर्जुन के रूप में तथा नारायण ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया।
  नर- नारायण  महोत्सव के समापन के अवसर पर श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार, धर्माधिकारी आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान,  सहायक मंदिर अधिकारी राजेन्द्र सेमवाल,वेदपाठी रविन्द्र भट्ट, विवेक थपलियाल,  कर्मचारी संघ अध्यक्ष जगमोहन बर्त्वाल,  संतोष तिवारी, लेखाकार भूपेंद्र रावत, संदेश मेहता,  अजीत भंडारी,अनसुया नौटियाल, अमित डिमरी, वैभव उनियाल,  प्रदीप राणा, पुष्कर भुजवाण, सत्येंद्र भंडारी, अंबरीश मेहता सहित तीर्थपुरोहितगण तथा  बड़ी संख्या में तीर्थयात्री  मौजूद रहे। 
 मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ के अनुसार महोत्सव में पुलिस प्रशासन एवं आईटीबीपी का विशेष सहयोग रहा।



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