पर्यटन व धार्मिक नगरी जोशीमठ की अनदेखी कर जोशीमठ से 13किमी पहले हेलंग से बनाये जा रहे बाईपास का विरोध तेज हो गया है।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत जोशीमठ के ब्यापारियों ने संपूर्ण बाजार बंद कर बाईपास निर्माण स्थल हेलंग कूच किया। जुलूस व नारेबाजी के साथ हेलंग पहुंचे ब्यापारियों को पुलिस व सीआईएसएफ द्वारा बैरियर लगाकर रोकने का प्रयास हुआ। तीखी नोक झोंक व धक्का मुक्की के बाद ब्यापारी बैरियर से आगे निकलकर सीधे बाईपास निर्माण स्थल तक पहुंच गए, वहाँ पुलिस ने उन्हें रोक दिया और ब्यापारियों ने वहीं धरना शुरू कर दिया।
ब्यापारियों के आंदोलन को देखते हुए भारी पुलिस फोर्स को मौके पर बुला लिया गया था,जोशीमठ के अलावा चमोली व गोपेश्वर से भी पुलिस फोर्स पहुंचा था।
इस बीच भाजपा की केन्द्र व प्रदेश सरकार के बाईपास निर्माण के फैसले के विरोध मे आयोजित आंदोलन का समर्थन देने के लिए ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वा toमी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भी आंदोलन स्थल हेलंग पहुंचे।
उन्होंने लोहारी नागपाला परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि जब 75प्रतिशत से अधिक कार्य होने पर जनदबाव से वह परियोजना बन्द हो सकती है तो हेलंग-मारवाड़ी बाईपास का निर्माण बन्द क्यों नहीं हो सकता !
शंकराचार्य ने कहा कि जोशीमठ की उपेक्षा करोड़ों सनातनियों की उपेक्षा है। उन्होंने कहा कि जोशीमठ के निवासियों की एकता बनी रहेगी तो बाईपास सड़क नहीं बनेगी।
ब्यापार संघ जोशीमठ के अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी ने स्पष्ट किया कि यदि बाईपास का निर्माण बन्द नहीं हुआ तो ब्यापारी स्थानीय जनता को साथ लेकर आंदोलन जारी रखेगी, अनिश्चितकालीन बाज़ार बन्द व चक्का जाम भी किया जाएगा।
शुक्रवार को बाईपास निर्माण कार्य रोकने के सफल आंदोलन का नेतृत्व अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी के अलावा तहसील अध्यक्ष अमित सती पूर्व अध्यक्ष रमेश डिमरी"श्रीराम" ब्यापार संघ के महामंत्री जेपी भट्ट, कोषाध्यक्ष कन्हैया लाल साह आदि ने किया।
बाईपास निर्माण स्थल हेलंग कूच से पूर्व ब्यापारियों ने मुख्य बाजार मे जुलूस निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी सिरकत की।
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