--------- प्रकाश कपरूवाण।
जोशीमठ,09नवंबर।श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट आगामी 19 नवंबर को अपराह्न 3 बजकर 35मिनट पर शीतकाल के लिए बन्द होंगें।
कपाट बन्द किए जाने से पूर्व पंच पूजाओं के तहत 15 नवंबर से पूजाएं प्रारम्भ होंगीं,धर्माधिकारी आचार्य राधाकृष्ण थपलियाल के अनुसार 15 नवंबर को भगवान गणेश की पूजा के उपरांत कपाट बन्द होंगे,16 नवंबर को आदिकेदारेश्वर मंदिर मे अन्नकूट पूजा के बाद आदिकेदारेश्वर मंदिर के कपाट बन्द किए जाएंगे,17 नवंबर को खडक पुस्तक का पूजन होगा, इस दिन से बद्रीनाथ धाम मे वेद ऋचाओं का वाचन बन्द होगा।
18 नवंबर को अभिजीत मुहूर्त मे माता लक्ष्मी का आव्हान व पूजन होगा,और 19 नवंबर को प्रातः अभिषेक के उपरांत भगवान बद्रीविशाल का पुष्प श्रृंगार होगा, अपरान्ह मे नित्य पूजाएं सम्पन्न होने पर माता लक्ष्मी का गर्भ गृह मे प्रवेश होगा और अपरान्ह 3 बजकर 35 मिनट पर भगवान बद्रीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए बन्द किए जाएंगे।
इधर कपाट बन्द होने से पूर्व 6 माह से बद्रीनाथ मे संचालित श्री बद्री- केदार मंदिर समिति का कार्यालय भी समिति के मुख्यालय जोशीमठ मे शिफ्ट हो जाएगा।
समिति के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान के अनुसार समिति का कार्यालय 16 नवंबर को जोशीमठ पहुंचेगा,इसके लिए आदेश जारी कर दिये गए हैं।
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