स्वाधीनता संग्राम सेनानी व आध्यात्मिक महापुरुष महर्षि श्रीअरविंद का 150वां जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

जोशीमठ,16अगस्त।
विकासखंड सभागार एक बार फ़िर बना महर्षि श्रीअरविन्द के जीवन और दर्शन पर बेहतरीन  चिंतन का साक्षी जब *श्रीअरविन्द के सपनों का भारत* विषय पर नगर पालिका क्षेत्र के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के 100 बच्चों ने अपनी दक्षता, मेधा और कुशलता से भाषण, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता के माध्यम से उपस्थित अतिथियों को सम्मोहित किया।
*श्रीअरविन्द अध्ययन केंद्र जोशीमठ* पिछले 7 सालों से लगातार स्वाधीनता संग्राम सेनानी, राष्ट्रवाद के पुरोधा, योगी और आध्यात्मिक महापुरुष महर्षि श्रीअरविन्द के जन्मदिन 15 अगस्त को नगर पालिका क्षेत्र जोशीमठ में युवाओं और विद्यार्थियों के बीच संवाद, विचार गोष्ठी और अन्य रचनात्मक कार्यक्रम करती रहा है। 15 अगस्त 2022 का आयोजन इसलिए ख़ास था क्योंकि यह भारत की स्वाधीनता का 75 वाँ और महर्षि श्रीअरविन्द का 150वाँ जन्म जयंती पर्व था। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जहाँ 
नगर पालिका जोशीमठ के पूर्व अध्यक्ष  ऋषि प्रसाद सती थे वहीं नगर के गणमान्य नागरिक डॉ. मोहन रावत, इंजीनियर और साधक  चद्रशेखर पाटिल, आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट अनिल डबराल, नगरपालिका जोशीमठ के पूर्व अधिशासी अधिकारी  भगवती प्रसाद कपरुवान ने विशिष्ट अतिथि की भूमिका निभाई। केंद्र की ओर से संयुक्त सचिव  महावीर फर्स्वाण श्रद्धालु ने अतिथियों का स्वागत किया और केंद्र की मुख्य गतिविधियों की सूचना प्रदान की। *श्रीअरविन्द और आज का भारत* इस विषय पर बीज व्याख्यान डॉ. चरणसिंह केदारखंडी ने दिया। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि श्रीअरविन्द के जीवन का अध्ययन उन्हें व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में प्रगति के शिखरों पर पहुंचाएगा। 
एनटीपीसी के प्रबंध और साधक चंद्रशेखर पाटिल ने भारत की ज्ञान और ध्यान परंपरा में श्रीअरविन्द के योगदान पर प्रकाश डाला। डॉ. मोहन रावत ने श्रीअरविन्द के जीवन पर उपयोगी व्याख्यान दिया।  श्री  ऋषि प्रसाद सती ने कहा कि महापुरुषों का जीवन प्रकाश स्तंभ की तरह होता है। उ होने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे अधिक  अधिक श्रीअरविन्द को जानने और समझने के लिए प्रयास करें। 
*श्रीअरविन्द के इस 150 वें जन्मोत्सव पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में ज्योति विद्यालय की छात्रा वैष्णवी उनियाल ने प्रथम, केंद्रीय विद्यालय जोशीमठ की समृद्धि भट्ट ने द्वितीय और जे. पी. विद्या मंदिर मारवाड़ी की छात्रा आकांशा राणा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। राजकीय इंटर कॉलेज के आदित्य और विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की कामिनी कंडारी को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया* ।  निबंध प्रतियोगिता में सरस्वती विद्या मंदिर की छात्रा मेघा नेगी ने प्रथम , श्रीबद्रीनाथ वेद वेदाङ्ग संस्कृत महाविद्यालय के छात्र गौरव पांडेय ने द्वितीय और देवभूमि पब्लिक हाइस्कूल रविग्राम की छात्रा निहारिका डिमरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सिमरन और निधि कपरुवान को सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ । इसी प्रकार चित्रकला प्रतियोगिता में जे. पी. विद्या मंदिर मारवाड़ी के छात्र दिव्यांशु मोहंती प्रथम स्थान, इसी स्कूल की छात्रा अंशिका बिष्ट द्वितीय स्थान पर और ज्योति विद्यालय की कृतिका मेहता तृतीय स्थान पर रहीं । वरुशिखा मेहता और अथर्व नौटियाल को सांत्वना पुरस्कार प्राप्त हुआ । सभी 94 प्रतिभागियों को पुरस्कार और मैडल से सम्मानित किया गया। *सामाजिक कार्यकर्ता  ओमप्रकाश डोभाल के  संचालन में निष्पादित इस कार्यक्रम में केंद्र के अध्यक्ष  अरविन्द पंत, कोषाध्यक्ष  कैलाश भट्ट, पूर्व अध्यक्ष टी.आर. देवशाली, देवी प्रसाद देवली, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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