देवी भगवती की आराधना समस्त मनोकामना को पूर्ण करती है:- ब्रह्मचारी मुकुंदानंद। ज्योतिर्मठ में हुआ भगवती राजराजेश्वरी का 47वां पाटोत्सव।


ज्योतिर्मठ-हिमालय,11जून। 
ज्योतिर्मठ की अधिष्ठात्री देवी राजराजेश्वरी त्रिपुरसुन्दरी माता श्रीदेवी जी का पाटोत्सव सम्पन्न हुआ आज । 
गौरतलब है  कि वर्ष 1973 में ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य बनने के बाद  ज्योतिष्पीठाधीश्वर  एवं द्वारकाशारदापीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने परम्परानुसार पूजित भगवती के श्रीविग्रह की प्रतिष्ठा की थी, तब से प्रतिवर्ष ज्येष्ठ शुक्ल द्वादशी को ज्योतिष्पीठ के  भक्तगण  पाटोत्सव मनाते आ रहे हैं।  
शनिवार को प्रातः भगवती की महापूजा , श्रृंगार और महाआरती सम्पन्न हुई ,  भगवती को एक हजार ऋतुफल समर्पित किए गए, आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ । 
उपरोक्त सभी कार्यक्रम ज्योतिष्पीठ के प्रतिधिधि पूज्य स्वामिश्रीः अविमुक्तेश्वरानंदः सरस्वती जी महाराज के निर्देशानुसार सम्पन्न हुए । 
ज्योतिर्मठ के प्रभारी ब्रह्मचारी मुकुन्दानन्द ने बताया कि कलयुग में देवी की आराधना ही समस्त मनोकामनाओं की सिद्धि प्रदान करने वाला है, इसलिए अपने ऐहिक और आमुष्मिक कल्याण की कामना वाले प्रत्येक व्यक्ति को सदा गुरुओं के बताए मार्ग पर चलते हुए देवी आराधना करनी चाहिए । 
आज के कार्यक्रम में मुख्यरूप से  दण्डी स्वामी प्रज्ञानानन्द सरस्वती जी महाराज,  ब्रह्मचारी विष्णुप्रियानन्द जी, हरीश डिमरी,देवपूजाई समिति जोशीमठ के अध्यक्ष भगवतीप्रसाद नम्बूरी जी, वेदाचार्य वाणी विलास डिमरी,  संस्कृत  महाविद्यालय के प्रधानाचार्य अरविन्द प्रकाश पंत, महिमानन्द उनियाल, जगदीश उनियाल, अभिषेक बहुगुणा, व आशीष उनियाल  आदि अनेक भक्तगण मौजूद रहे ।

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