उर्गम घाटी के ग्राम पंचायत भर्की में प्राकृतिक संसाधनों के सूक्ष्म नियोजन के माध्यम से पर्यावरण आधारित रोजगार परक गतिविधियों को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है?इस पर ग्रामीणों के साथ चर्चा परिचर्चा करते हुए सुझाव भी लिए गए।
बैठक मे ग्रामीणों नेजंगली जानवरों से खेती को बचाने के सुअर रोधी दीवार निर्माण करने, ट्रैकिंग एवं होम स्टे कार्यक्रम को भी बढ़ावा देने, जैविक खेती के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिए जाने, आदि पर चर्चा हुई।
ग्रामीणों ने कहा कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, यहां पर प्रकृति आधारित दर्जनों ट्रैक रूट एवं रास्तों का विकास होने से नौजवानों को रोजगार मिल सकता है, पंचायती वन के पारिस्थितिकीय आवश्यकताओं की पूर्ति के मध्य नजर आज का समुपयोजन एवं उपयोग की रणनीति, व माइक्रो प्लान में आवश्यक अभ्यास के साथ ही सूक्ष्म नियोजन कैसे तैयार किया जाए इस पर भी चर्चा की गई।
इस बैठक में रिसोर्स एनजीओ के रूप में जय नंदा देवी स्वरोजगार शिक्षण संस्थान(जनदेश ) के द्वारा प्रथम आम बैठक के बारे में जानकारी दी गई। वन पंचायत का परिचय, वन पंचायतों में पाई जाने वाली वनस्पति, वन्य जीव ,आजीविका संसाधन, एवं ईंधन मैट्रिक्स का विवरण, पंचायती वन वन पंचायत से जुड़े स्थानी समूह का विवरण, पंचायती वनों में घटित बन आपदा वन अपराध व वनअग्नि दुर्घटना एवं मानव जीव संघर्ष की स्थिति, पंचायती वनों के उपयोग संरक्षण पंचायतों में किए गए विगत 5 वर्षों की कार्य एवं प्रबंधन व्यवस्था, पंचायती तथा वन पंचायत में किये जाने वाले आवश्यक कार्य के अलावा नियोजन प्रशिक्षण प्रचार प्रसार, पर्यावरण सेवाओं से जुड़े हुए कार्य, पारिस्थितिकीय अनुरूप आय परख गतिविधियां, पंचायती वनों का विकास, प्राकृतिक उत्पादन, वाणिज्य उपयोग बाजार का विकास, वनीकरण ,महिला नर्सरी के कार्य, जल संरक्षण, भूमि संरक्षण ,जल स्रोतों का जीर्णोद्धार, अग्नि सुरक्षा, प्रकृति पर्यटन विकास ,मानव जीवन संघर्ष रोकथाम के उपाय, वन पंचायत में पारिस्थितिकीय रूप आय वर्धन कार्यक्रम, फल- पौध वितरण, जड़ी-बूटी विकास, ट्रेकरूट मार्गों के विकास के लिए योजना बना सकते हैं।
उत्तराखंड वन विभाग के द्वारा इस योजना को एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जा रही है प्रथम चरण में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क जोशीमठ के माध्यम से पांच वन पंचायत में प्रारंभ की जा रही है इस कार्यक्रम में तीन मुख्य आम बैठकों का आयोजन किया जाना है प्रथम बैठक में आम ग्रामीण महिला पुरुषों को योजना की जानकारी एवं डाटा संकलन किया जाना है द्वितीय बैठक में प्रस्तावित कार्य योजना बनाई जाए जानी है साथी सभी लाभार्थी समूह से बात की जाने उसके बाद अंतिम बैठक में कार्य योजना को मूर्त रूप दिया जाना है । इस कार्यक्रम में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के वन बीट अधिकारी भरकी हरीश सिंह राणा, जनदेश सचिव लक्ष्मण सिंह नेगी, वरिष्ठ कार्यकर्ता/ प्रशिक्षक रघुवीर सिंह चौहान, वन पंचायत सरपंच सुरेंद्र सिंह रावत ने कहां की सभी ग्रामीण आगामी द्वितीय आम बैठक 24 मार्च 2022 को सूक्ष्म नियोजन योजना के लिए अपने स्तर से प्रस्ताव पर चर्चा करें जिससे सही तरह से योजना बन सके। महिला मंडल अध्यक्ष गोविंद देवी, ग्राम प्रधान मंजू देवी ने कहा कि गांव के लिए पैदल सड़क सुधारीकरण, वैकल्पिक ऊर्जा के माध्यम से आम रास्ते में पोल लगाए जाने चाहिए जिससे कि जंगली जानवरों से आने जाने वालों को नुकसान नहीं होगा। बैठक में वन वीटअधिकारी ने कहां की वन संरक्षण और संवर्धन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है ग्रामीणों ने प्राथमिकता के आधार पर अपनी कार्य योजना के बारे में चर्चा की तय किया गया है कि भूस्खलन क्षेत्रों में चेक डैम निर्माण जल स्रोतों के ऊपर चाल खाल निर्माण ट्रैकिंग के लिए घटिया निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर देगी। बैठक में वन बीट अधिकारी दीपक कुमार, जितेंद्र सिंह, चंद्र मोहन सिंह पंवार, हरि सिंह, रोशनी चौहान आदि लोग उपस्थित थे ।
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