भगवान बदरी विशाल के श्रीविग्रह पर 6मास तक जिस तेल का लेपन किया जाएगा उसके पिराई की तिथि भी निश्चित की गई है, तिलों के तेल की पिराई 22 अप्रैल को होगी।
वसंत पंचमी के पर्व पर भगवान बद्रीनाथ के कपाट खोले जाने के मुहूर्त तय किये जाने के साथ तेल पिरोई की तिथि भी निश्चित कर ली गई,22 अप्रैल को तेल पिराई का मुहूर्त निकाला गया।इस दिन महारानी की मौजूदगी में सुहागिन महिलाओं द्वारा तिलों के तेल को पिरोकर गाड़ू-घड़ी तेलकलश में रखा जाएगा, जिसे बाद में डिमरी पंचायत के सुपुर्द किया जाएगा।
यही तेल आगामी6महीनों तक भगवान बद्रीविशाल के श्रीविग्रह पर प्रतिदिन लेपन किया जाता है।
कपाट खुलने एवं तेल पिरोई की तिथि निश्चित करने के धार्मिक कार्यक्रम में महाराजा मनुजेंद्र शाह, राजकुमारी शीरसा शाह, पंडित कृष्ण प्रसाद उनियाल, श्री बद्रीनाथ के मुख्य पुजारी श्री रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्रअजय, उपाध्यक्ष किशोर पंवार, धर्माधिकारी आचार्य भुवन चन्द्र उनियाल, मुख्य कार्याधिकारी बी डी सिंह, शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती महाराज के प्रतिनिधि ब्रह्मचारी मुकुंदा नंद, समिति के सदस्यगण आशुतोष डिमरी, श्रीनिवास पोस्ती, राजपाल जड़धारी, भाष्कर डिमरी, वीरेन्द्र असवाल, मंदिर समिति के अधिशासी अभियंता अनिल ध्यानी, रमेश चन्द्र तिवाड़ी, राकेश सेमवाल, मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़, प्रमोद नौटियाल के अलावा डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के कार्यकारी अध्यक्ष विनोद डिमरी, डिमरी पंचायत के ज्योतिष डिमरी, कोषाध्यक्ष सुभाष डिमरी, विपुल डिमरी आदि अनेक लोग शामिल रहे।
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