जोशीमठ,08 दिसम्बर।
वनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से धर्म शास्त्र के टॉपर रहे उत्तराखंड के सीमान्त पैनखंडा जोशीमठ निवासी संस्कृत के अग्रणी विद्वान सुधाकर उनियाल को इस वर्ष के सारस्वत सम्मान से विभूषित किया जाएगा।
राष्ट्रवादी विद्वानों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय सारस्वत परिषद वाराणसी द्वारा प्रतिवर्ष भारत भूमि में समुत्पन्न दिब्य मनीषा, धर्म-संस्कृति,ज्ञान-विज्ञान, त्याग, सेवा व समर्पण आदि श्रेष्ठ परंपरा के संवाहक राष्ट्र के सपूतों को प्रतिवर्ष सम्मानित किया जाता है।
उत्तराखंड के सुधाकर उनियाल को संस्कृत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इस वर्ष का यह प्रतिष्ठित सारस्वत सम्मान आगामी18 दिसम्बर को नई दिल्ली के श्यामा प्रसाद मुखर्जी कालेज के सभागर में आयोजित एक भब्य समारोह में दिया जाएगा।
सुधाकर उनियाल जनपद चमोली के सीमान्त नगर जोशीमठ के निवासी हैं और विश्व के सर्वश्रेष्ठ धाम श्री बद्रीनाथ के धर्माधिकारी आचार्य भुवन चन्द्र उनियाल के सुपुत्र हैं।
सुधाकर ने हाई स्कूल तक की पढ़ाई प्रेमा जगाती सरस्वती विद्या मंदिर नैनीताल से की, इंटरमीडिएट वृन्दावन से किया, सुधाकर ने बीएचयू से धर्मशास्त्र मे शास्त्री परीक्षा उत्तीर्ण की और विश्व विद्यालय के टॉपर रहे।इन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से आचार्य की परीक्षा उत्तीर्ण की।
सुधाकर उनियाल को प्रतिष्ठित सारस्वत सम्मान दिए जाने की सूचना पर सीमान्त क्षेत्र के जनमानस के साथ ही संस्कृत जगत के विद्वानों ने भी खुशी का इजहार किया है।
0 टिप्पणियाँ