----------------लक्ष्मण नेगी"कल्पवीर"
जोशीमठ,08 दिसम्बर।
भले ही आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर अमृत महोत्सव मनाया जा रहा हो, लेकिन सीमावर्ती विकास खण्ड जोशीमठ के दर्जनों गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। जोशीमठ विकासखंड के सीमांत क्षेत्र होने के बाद भी आज भी ग्रामीण मीलों पैदल चलने को विवश हैं।
ऐसा नहीं है कि लोगों ने संघर्ष नहीं किया देश के विकास में इन लोगों ने योगदान ना दिया हो सैकड़ों लोग भारतीय सेना में आज भी अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं। स्वतंत्रता संग्राम की बात करें तो अकेले ही पल्ला जोखोला के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्याम सिंह जी की स्मृति में जोशीमठ विकासखंड कार्यालय के बाहर अशोक चक्र बनाए गए हैं। उर्गम घाटी में तीन स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बहादुर सिंह नेगी, अमर देव सिंह, बलदेव सिंह, भेटा पिलखी के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गोविंद सिंह व अमर सिंह पेशावर कांड के शेर सिंह चौहान सहित कई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के साथ ही सेना मेडल से सम्मानित कई सैनिक है ।
जोशीमठ विकासखंड के डुमक ,कलगोठ, भरकी-भेटा पिंलखी ग्वाणा, अरोसी, काणा कोट ,घिंवाणी ,पय्याँ चोरमी, तोलमा भल्ला गांव ,सुकी सहित दर्जनों गांव आज भी मोटर मार्ग व दूरसंचार व्यवस्था से वंचित हैं। लाख दावा करने के बाद आज भी ग्रामीण पैदल चलने के लिए मजबूर है। आज भी गोपेश्वर जिला मुख्यालय से 26 किलोमीटर पैदल डुमक कलगोठ पहुंचा जाता है। सबसे अधिक समस्या तब ग्रामीणों को झेलनी पड़ती है जब महिला को प्रसव पीड़ा से पीड़ित होना पड़ता है उसे डंडी कंडी कर मुख्य मार्ग पर पहुंचाया जाता है, जंगली जानवरों की हिंसात्मक घटना के कारण बीमार होने पर एकमात्र उपाय है कि उसे डंडी-कंडी के माध्यम से अस्पताल तक पहुंचाया जाता है। सड़क के लिए समय-समय पर ग्रामीणों द्वारा तहसील व जिला मुख्यालयों पर आंदोलन किये जाते रहे हैं। सड़क के लिए चुनाव बहिष्कार जैसा निर्णय भी ग्रामीणों को लेना पड़ा। 2019 के पंचायत चुनाव में भी डुमक कलगोट के ग्रामीणों के द्वारा चुनाव बहिष्कार किया गया था कुछ लोगों के कारण बहिष्कार पूर्व से सफल नहीं रहा 2017 के विधानसभा चुनाव में भी रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा भी जोरों पर रहा। लोकसभा के चुनाव में भी रोड के लिए लोगों ने वोट नहीं डाले 1992 के दशक में पूरे क्षेत्र में 18 ग्राम सभा में चुनाव बहिष्कार रहा इसके अलावा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि पूर्व बीडीसी सदस्य एवं प्रधान प्रेम सिंह सनवाल के द्वारा 2018 ,2019 घिंघराण- वेमरू-उर्गम प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना 39 किलोमीटर के लिए हाईकोर्ट नैनीताल में रिट दायर की थी, यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के अंतर्गत होने के बाद भी बजट मिलने पर भी गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई ठेकेदारों ने बिना काम किए ही करोड़ों रुपए का भुगतान ले लिया और दिखाने के लिए कलगोट गांव में जेसीबी मशीन किसी तरह पहुंचा दी गई। जिससे कि ठेकेदार को भुगतान हो सके कोर्ट के आदेश के बावजूद मोटर मार्ग नहीं बन पाए आज भी ग्रामीणों को पैदल ही जाना पड़ता है।
कलगोठ की प्रधान वीरा देवी कहती है कि 2021-22 के विधानसभा चुनाव का पूर्ण से बहिष्कार किया जाएगा, सड़क नहीं तो वोट नहीं । कल्प क्षेत्र विकास आंदोलन के अध्यक्ष शंकर सिंह चौहान कहते हैं इस सड़क के लिए हम लोगों ने अलकनंदा दक्षिण पार्श्व संघर्ष समिति का गठन किया था, जिसके माध्यम से भी दर्जनों बार आंदोलन कर चुके हैं पर सड़क नहीं बन पाई। उन्होंने कहा कि एकमात्र आशा की किरण हेलंग
डुमक 15 किलोमीटर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जो बन रही है इसी से कलगोठ सड़क पहुंच सकती है। प्रमुख क्षेत्र पंचायत जोशीमठ हरीश परमार का कहना है कि विकास के लिए सड़क का होना आवश्यक है उन्होंने कहा कि भाजपा को लोगों ने हर चुनाव में बहुमत से अधिक वोट क्षेत्र की जनता देती रही है, उसके बाद भी सड़क का ना बनना दुर्भाग्यपूर्ण है।कहा कि अधिकांश बद्रीनाथ विधानसभा पर भाजपा के विधायक रहे हैं उनके द्वारा कोई ठोस प्रयास नहीं किये गए।अब जन आंदोलन ही एक मात्र उपाय है।
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