बद्रीनाथ/जोशीमठ,16 नवंबर।
भगवान बद्रीविशाल के कपाट बंद होने से पूर्व पंच पूजाओं के तहत पहले दिन मंगलवार सायं को भगवान गणेश के कपाट बंद किये गए।इससे पूर्व प्रातः भगवान गणेश का विशेष पूजन किया गया।
श्री बद्रीनाथ धाम के धर्माधिकारी आचार्य भुवन चन्द्र उनियाल के अनुसार पंच पूजा के दूसरे दिन 17 नवंबर को भगवान आदि केदारेश्वर के कपाट दोपहर अभिजीत मुहूर्त में बंद होंगे, जबकि18 नवंबर को खडक-पुस्तक की पूजा के उपरांत वेद ऋचाओं का वाचन बंद होगा।
पंच पूजा के चौथे दिवस 19 नवंबर को माता लक्ष्मी का विषेश पूजन होगा और भगवान बद्रीविशाल की ओर से माता लक्ष्मी को शीतकाल के लिए गर्भ गृह मे सुसज्जित होने के लिए न्यौता भी भेजा जाएगा।
20 नवंबर को भगवान श्रीहरिनारायन का सम्पूर्ण श्रृंगार फूलों से होगा, इसी दिन सायं साढ़े पांच बजे बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी श्री रावल स्त्री भेष धारण कर माता लक्ष्मी को गर्भ गृह में सुसज्जित करेंगे, और उद्धव, कुबेर व गरुड़ भगवान के श्रीविग्रहों को गर्भ गृह से नियत स्थानों के लिए प्रस्थान करायेंग।
इन सब प्रक्रियाओं के बाद20 नवंबर को ही सायं ठीक 6 बजकर45 मिनट पर भगवान श्रीहरिनारायन के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिये जायेंगे।
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