दो दिनों की मूसलाधार बारिश ने प्रदेश को अस्त व्यस्त करके रख दिया, सड़के ध्वस्त तो खेत खलिहान व मवेशियों पर भी आफत बन कर टूटी यह वर्षात।मुख्यमंत्री नैनीताल रवाना।

फोटो--दो दिनों से बंद पागलनाला टंगणि मे यातायात बहाल।
2--बड़ागाँव मे मलवे में दफन हुए मवेशी।
3-राज्य के अन्य आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने के बाद नैनीताल रवाना होते मुख्यमंत्री।
-----------------------प्रकाश कपरूवान।
जोशीमठ,19 अक्टूबर।
दो दिनों की मूसलाधार बारिश के बाद अब कुछ राहत मिली है, दोपहर बाद वारिश तो थमी लेकिन दो दिनों की इस वारिश से राष्ट्रीय राज मार्गों व ग्रामीण मार्गो के साथ ही खेत खलिहान, नगदी फसलों व मवेशियों को भी भारी नुकसान हुआ है।प्रदेश मे भूस्खलन की चपेट में आने से कई लोगों के हताहत होने की भी खबर है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आपदाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा कर सबसे ज्यादा प्रभावित जनपद नैनीताल के आपदाग्रस्त इलाकों के दौरे पर निकले हैं।
बद्रीनाथ राष्ट्रीय राज मार्ग पागलनाला टंगणि मे दो दिनों से बन्द था, जिसे वारिश थमने के बाद खोल दिया गया है।जोशीमठ से बद्रीनाथ तक हाई वे कई स्थानों पर अवरुद्ध है, जिसे खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। 
इधर ग्रामीण सड़कों की स्थिति भी बेहद खराब है, हेलंग-उर्गम के साथ ही गोविंदघाट-पुलना सड़क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है।यही स्थिति अन्य ग्रामीण मार्गो की भी है। हेमकुण्ड साहिब-लोकपाल मार्ग पर भ्यूंडार मे पैदल वैकल्पिक पुल उफनती नदी मे समा गया है।
जोशीमठ प्रखंड के बड़ागाँव ग्राम पंचायत के खरोड़ी तोक मे तीन गौशालाएं मलवे मे दब गई, यहाँ मलबे में दबकर विनोद सिंह का बैल दफन हो गया जबकि नत्था सिंह व अब्बल सिंह की दुधारू गायें बुरी तरह घायल हो गई है।
जोशीमठ-मलारी रोड तमक में दूसरे दिन भी बन्द रही, यहाँ चट्टान से पत्थरों के गिरने का क्रम जारी है।

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