जोशीमठ व रविग्राम में आयोजित हुआ चण्डिका उत्सव *फुलकोठा*

-------------- प्रकाश कपरूवान।
सीमान्त नगर जोशीमठ की धार्मिक एवं पौराणिक मान्य परंपराओ का निर्वहन करते हुए विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जोशीमठ एवं रविग्राम मे मां चण्डिका का पूजन उत्सव*फुलकोठा* पूरे धार्मिक रीति रिवाज के साथ संपन्न हुआ।
मां चण्डिका की विशेष पूजा ब्रह्मकमल पुष्पों के साथ किये जाने की परंपरा है, इसके लिए फुलारियों को त्रियोदशी तिथि को ब्रह्मकमल को लाये जाने के लिए भेजा जाता है जो नंगे पांव हिमालय की तलहटी से ब्रह्मकमल लेकर अगलेदिन चतुर्दशी तिथि की सायं को मां चण्डिका के पूजा स्थलों पर पहुंचते हैं।
ब्रह्मकमल पुष्पों को माता चण्डिका के श्रीविग्रह के समीप सजाया जाता है, और इसी के बाद ग्रामीण अखण्ड घी के दीप जलाकर पूरी रात्रि जागरण करते है।
ब्रह्मकमल के साथ अखण्ड दीपों के चण्डिका उत्सव का समापन पूर्णमासी की सायं को विशेष पूजा के साथ होता है, मां चण्डिका की मूर्ति को धार्मिक उत्सव स्थल से मूल स्थान पर पहुंचाने के बाद भक्त अखण्ड दीपों को जलते हुए ही अपने घरों तक पहुंचाते हैं।
जोशीमठ मे देवपूजाई समिति व रविग्राम मे पूजा समिति रविग्राम  इस धार्मिक उत्सव की परंपरा का निर्वहन करती है।

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