बद्रीनाथ,18 सितम्बर।
कपाट खुलने के बाद पिछले चार महीनों से वीरान पड़ी नारायण की भूमि शनिवार को बद्रीविशाल भगवान के जयकारों से गूंज उठी।
कलयुग पापाहरी भगवान बद्री विशाल की यात्रा शुरू किये जाने के फरमान के साथ ही भगवान नारायण के दर्शनों को श्रद्धालु पहुंचने लगे हैं। शुक्रवार देर सायं को राज्य सरकार व देवस्थानम बोर्ड की यात्रा को लेकर एसओपी जारी होने के बाद सुबह से ही श्रद्धालुओं का बद्रीनाथ पहुंचना शुरू हो गया। से ही यात्रियों की भीड़ देख ऐसा लग रहा है कि भगवान श्रीहरिनारायन के दर्शनों को वेताब भक्त उत्तराखंड उच्च न्यायालय द्वारा यात्रा खोलने को लेकर सुनवाई की तिथि 16 सितम्बर को ही घरों से बद्रीनाथ के लिए चल पड़े थे,मानो भक्तों को इस बार पक्का यकीन हो गया था कि अबकी बार हाई कोर्ट यात्रा खोलने के पक्ष में निर्णय देगा। दिल्ली, राजस्थान व अन्य प्रदेशों के साथ ही उत्तराखंड के कुमायूँ व गढ़वाल रीजन के सुदरवर्ती अंचलो से पहलेही दिन बद्रीनाथ पहुंचे श्रद्धालुओं से तो ऐसा ही लग रहा है।
भगवान नारायण की यात्रा शुरू होते ही पिछले चार महीनों से वीरान पड़ी भू-वैकुंठ धाम की पुण्य भूमि बद्रीविशाल के जयकारों से गूंज उठी।भक्तों को देवस्थानम बोर्ड द्वारा जारी एसओपी के अनुसार दर्शन-पूजन की ब्यवस्था की जा रही है।
देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्याधिकारी बी डी सिंह के अनुसार देवस्थानम बोर्ड ने श्रद्धालुओं के दर्शन, पूजन,आवास व भोजन-प्रसाद आदि सभी ब्यवस्थायें सुनिश्चित की हैं, उन्होंने देशभर के श्रद्धालुओं से पितृपक्ष, शारदीय नवरात्रि, विजयदशमी आदि पर्वों पर श्री बद्रीनाथ धाम पहुंचकर नारायण के दर्शनों का पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।
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