सीमित संख्या की बाध्यता ने चारधाम यात्रा की खुशियों पर पानी फेरा, अब 15 अक्टूबर के बाद होंगें ई -पास जारी ।

---------------- प्रकाश कपरूवान ।
जोशीमठ,23 सितम्बर।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने चारधाम पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या निर्धारित करने का असर दिखने लगा है, सीमित संख्या की बाध्यता के कारण स्थानीय निवासी भी विना ई-पास के धामों में प्रवेश नहीं कर सकेंगें।
पित्र पक्ष मे अपने पूर्वजों का पिण्ड दान व तर्पण का विशेष महत्व है, लेकिन यदि ई-पास नहीं है तो श्राद्ध पक्ष की निर्धारित तिथियों पर धामों मे नहीं पहुंच पायेंगे।
दरसअल उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने प्रतिबंधों के साथ चारधाम यात्रा को शुरू करने की मंजूरी दी है, जिसके तहत श्री बद्रीनाथ में प्रतिदिन एक हजार यात्री, केदारनाथ मे आठ सौ, गंगोत्री मे छः सौ व यमनोत्री मे चार सौ यात्री प्रवेश कर सकते हैं,और प्रवेश करने वाले सभी यात्रियों को देवस्थानम बोर्ड से ई-पास लेना आवश्यक है, कोविड आरटीपीसीआर रिपोर्ट व वैक्सीन की दोनों डोज लगी होने के बाद भी देवस्थानम बोर्ड द्वाराजारी ई-पास प्रवेश के लिए नितान्त आवश्यक है।
यात्रा शुरू होने के दिन 18 सितम्बर से 22 सितम्बर तक बद्रीनाथ में प्रवेश के लिए 24हजार 256 ई-पास जारी हो चुके हैं, अर्थात एक हजार यात्री प्रतिदिन की बाध्यता के अनुसार 11 अक्टूबर तक के लिए ई-पास जारी हो चुके हैं, इसी प्रकार केदारनाथ धाम मे 16 अक्टूबर तक, गंगोत्री के लिए 10 अक्टूबर तथा यमनोत्री के लिए 8 अक्टूबर तक के लिए ई-पास जारी किए जा चुके हैं।
अब यदि चारों धामों से लगे जनपदों के स्थानीय निवासी भी धामों में प्रवेश करना चाहिंगे तो उन्हें भी देवस्थानम बोर्ड से ई-पास लेना होगा जो अब 15 अक्टूबर के बाद ही मिल सकेंगें।
देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी हरीश गौड़ के अनुसार ई-पास के स्लॉट अभी बन्द है, लेकिन चार धाम देवस्थानम  बोर्ड के सीईओ ने शासन को पत्र लिखकर स्पष्ट दिशा निर्देश चाहते हुए कहा है कि धामों में न्यायालय द्वारा प्रतिदिन निर्धारित की गई संख्या से कम यात्री पहुँच रहे हैं, तो क्या निर्धारित संख्या की पूर्ति के लिए अलग से पास जारी किए जा सकते या नहीं?
शासन स्तर पर इस दिशा मे भी मंथन शुरू हो गया है, इस बीच चारों धामों से सीमित यात्रियों की संख्या की बाध्यता को समाप्त करने के लिए सरकार से न्यायालय में उचित पैरवी करने की मांग उठने लगी है। अब देखना होगा कि शासन का इस मामले मे अगला कदम क्या होगा इस पर चारों धामों की यात्रा से जुड़े लाखों लोगों की निगाहें रहेंगी।

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