देहरादून।
नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गुरुवार को पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज हरबर्टपुर में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यालय के एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यशाला में उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी मोहन सिंह खत्री, परिषद की महासचिव आशा रानी पैन्यूली, अभियान के प्रभारी सुनील जोशी संयुक्त सचिव ज्योत्सना खत्री, आनंद मणि सेमवाल, प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता एव मेंटर रमेश खत्री, किरण खंडूड़ी, विजय लक्ष्मी रावत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं सामाजिक कार्यकर्ता तथा विद्यालय के शिक्षक तथा शिक्षिकाएं एवं भारी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य अवनिन्द्र बड़थ्वाल द्वारा अतिथियों एवं उपस्थित प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए किया गया, उन्होंने नशे को युवा पीढ़ी और समाज के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। कार्यशाला से पूर्व विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा नशा मुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के कारण व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवार एवं सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों की इस प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को नशे के विरुद्ध जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सभी वक्ताओं ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि इससे परिवार की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति भी प्रभावित होती है और अपराध, हिंसा तथा सामाजिक विघटन जैसी समस्याओं को बढ़ावा मिलता है। वक्ताओं ने युवा पीढ़ी को नशे से बचाने के लिए परिवार, विद्यालय और समाज को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।
परिषद के महासचिव आशा पैन्यूली ने विद्यार्थियों से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ इस अभियान के दूत बनें और नशामुक्ति का संदेश अपने घर-परिवार, मित्रों तथा आसपास के समाज तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। कार्यशाला के उपरांत हरबर्टपुर क्षेत्र में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया, रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों ने नशे के विरुद्ध जागरूकता संबंधी नारों एवं संदेशों के माध्यम से आमजन को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं से अपील की गई कि वे “नशे को ना, जीवन को हाँ” के संदेश को अपने परिवार एवं समाज तक पहुंचाएं और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशामुक्त युवा ही स्वस्थ, सशक्त एवं विकसित भारत की आधारशिला हैं। नशे के विरुद्ध जनजागरूकता को प्रत्येक परिवार और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर ही नशामुक्त भारत के संकल्प को साकार किया जा सकता है।
गौरतलब है कि जनपद देहरादून में नशामुक्त भारत अभियान भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तत्वाधान में, जिला समाज कल्याण विभाग देहरादून के सहयोग से उत्तराखंड राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित किया जा रहा है. अभियान का मुख्य संदेश “नशे को ना, जीवन को हाँ, नशामुक्त युवा, स्वस्थ समाज और विकसित भारत” है।



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