ज्योतिर्मठ, 29 अक्टूबर 2026।
श्री बदरीनाथ वेद-वेदाङ्ग स्नातकोत्तर संस्कृत महाविद्यालय एवं उत्तर मध्यमा संस्कृत विद्यालय ज्योतिर्मठ में गुरुवार को सचिव, संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार ने निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।महाविद्यालय निरीक्षण के दौरान सचिव ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों एवं अध्ययन से संबंधित विषयों पर चर्चा की।
उन्होंने महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. द्रवेश्वर प्रसाद थपलियाल एवं उत्तर मध्यमा संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविन्द प्रकाश पंत से विद्यार्थियों को वेद, ज्योतिष एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति विशेष रूप से जागरूक किए जाने की अपेक्षा की ।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी पारम्परिक शास्त्रीय शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक प्रतिस्पर्धात्मक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित करते हुए अपने ज्ञान, प्रतिभा एवं कौशल का समुचित विकास करने का आवाहन किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्रवक्ता प्रदीप पुरोहित, डॉ.आशीष भट्ट, जगदीश जोशी एवं डॉ. मनीष देवराड़ी तथा लिपिक श्री सतीश नेगी के अलावा उत्तरमध्यमा संस्कृत विद्यालय के प्रधानाचार्य अरविन्द प्रकाश पंत, शिक्षकगण श्रीकृष्ण मैठाणी, दाता राम बर्थवाल, रेखा शाह, विमल पुरोहित, उपासना सकलानी, नीरज कोटवाल, प्रशासनिक अधिकारी पुष्पा कपरुवाण एवं विक्रम नेगी आदि उपस्थित रहे।
महाविद्यालय के प्राचार्य श्री थपलियाल ने अनुसार सचिव संस्कृत शिक्षा के भ्रमण से महाविद्यालय में संस्कृत शिक्षा, वेदाध्ययन, ज्योतिष विद्या तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। महाविद्यालय परिवार ने उनके आगमन को विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं सर्वांगीण विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
निरीक्षण से पूर्व संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने ज्योतिर्मठ पहुंचकर भगवान नृसिंह एवं आद्य गुरु शंकराचार्य की पवित्र गद्दी स्थल के दर्शन किए। विद्यालय निरीक्षण के दौरान सचिव संस्कृत शिक्षा के साथ सहायक निदेशक संस्कृत मंशा राम मैंदुली एवं खण्ड विकास अधिकारी मोहन जोशी भी मौजूद रहे।



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