बुग्याल बचाओ अभियान के तहत आयोजित हुई गोष्ठी एवं हिमालयी बुग्यालों को प्लास्टिक कचरा मुक्त का लिया संकल्प

---------- अनसूया मलासी।।
त्रिजुगीनारायण/रुद्रप्रयाग।
                     बुग्यालों को बचाने के संकल्प के साथ सी पी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र गोपेश्वर की ओर से पांच दिवसीय बुग्याल बचाओ जनजागरण और अध्ययन अभियान के दौरान रुद्रप्रयाग जिले के के त्रिजुगीनारायण गांव में बुग्यालों में रह रहे भेड़ पालकों, पशुचारको और आसपास के ग्रामीणों के साथ बुग्यालों के संरक्षण और समस्याओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया। अभियान दल में सामाजिक कार्यकर्ता, वनविद, पत्रकार और केदारनाथ वन्यजीव वन प्रभाग चमोली तथा टिहरी वन प्रभाग के अधिकारी कर्मचारी भी साथ रहे।
वरिष्ठ पत्रकार व्योमेश जुगरान के नेतृत्व में चले इस अभियान की गोष्ठी क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीमती सुमन तिवारी की अध्यक्षता में हुई। इसमें हिमालयी बुग्यालों को प्लास्टिक कचरे से मुक्त कराने का संकल्प लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकारों का अपना-अपना नजरिया होता है काम करने का लेकिन हिमालय क्षेत्र के संरक्षण की दिशा में कई संस्थानों ने अच्छा काम किया है।
सामाजिक कार्यकर्ता दर्शन लाल गैरोला ने कहा कि हमारे बुग्यालों का रोजगार के लिए उपयोग नहीं हो रहा है। जंगलों में भेड़ बकरियां कम जा रही हैं और इसका दुष्प्रभाव बुग्यालों पर दिखाई दे रहा है उन्होंने घुत्तू-पंवालीकांठा होकर त्रिजुगीनारायण 36 किमी पैदल मार्ग के अगल-बगल मोटर मार्ग का समर्थन करते हुए कहा कि इससे रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
महेंद्र प्रसाद सेमवाल ने कहा कि बुग्यालों में ना तो जानवरों की अधिकता है और ना ही लोगों की आवाजाही, बावजूद बुग्याल धीरे-धीरे खत्म हो रहे हैं। ग्रामीण मीनाक्षी प्रसाद घिल्ड़ियाल ने इस बात पर चिंता जताई कि बुग्यालों के निकटवर्ती दर्शनीय स्थलों का विकास नहीं हो पा रहा है और वह भी पर्यटकों की नजरों से दूर हैं। उन्होंने देवनी बुग्याल और कृष्ण सरोवर को विकसित करने पर जोर दिया। भक्ति दर्शन सेमवाल ने कहा कि हिम रेखा सिकुड़ रही है और इसका हमारे वातावरण पर बहुत बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए पैदल ट्रैकों को विकसित किया जाना चाहिए।
गोष्ठी में सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के ट्रस्टी ओम प्रकाश भट्ट ने पँवाली बुग्याल की स्थिति पर अपने विचार रखते हुए कहा कि पँवाली बुग्याल की स्थिति चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और रोजगार की दिशा में भी सतत् कार्य करने की नीतियां बननी चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पंत ने कहा कि पर्यटकों को चाहिये कि वो हिमालय क्षेत्र में यात्रा के दौरान प्लास्टिक की वस्तुओं का उपयोग ना करें तथा अपने साथ कचरे के लिए एक खाली बैग भी रखे। किसी भी प्रकार का कचरा बुग्यालों के लिए घातक है। 
गोष्ठी का संचालन सर्वोदय कार्यकर्ता विनय सेमवाल ने किया। डिप्टी रेंजर गजेंद्र सिंह सजवान, सुशील भट्ट आदि ने भी अपने विचार रखे। यहां से पदयात्रा दल पंवालीकांठा बुग्याल की ओर रवाना हुआ।

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