ज्योतिर्मठ।
विद्या भारती से सम्बद्ध सरस्वती शिशु मंदिर ज्योतिर्मठ मे विद्यालय के भैय्या-बहिनों, अभिभावकों व नगर के नागरिकों सहित 574 लोगों ने राष्ट्रगीत वन्देमातरम का एक साथ गायन किया। सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण मे अथितियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पार्चन के उपरांत राष्ट्रगीत का गायन हुआ।
मुख्य वक्ता डॉ भगत सिंह राणा"हिमाद" ने वन्देमातरम के 150वें वर्ष मे प्रवेश पर शुभकामनाएँ दी, व आजादी की लड़ाई मे वन्देमातरम के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रगीत वन्देमातरम ही है, जिसकी रचना महान साहित्य व उपन्यासकार बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने की थी, और अब इस राष्ट्रगीत के सभी छन्दों के गायन की संवेधानिक बाध्यता भी हुई है जो स्वागत योग्य है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के व्यवस्थापक प्रकाश कपरुवाण ने की जबकि कार्यक्रम के संयोजक प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रदीप फर्शवाण रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य बद्री सिंह नेगी अथितियों का परिचय कराया, संचालन आचार्या दीपा ने किया।
इस अवसर पर लक्ष्मण सिंह रावत, अखिलेश भुजवाण, आचार्य गण ओम प्रकाश, मंजू कपरुवाण, सरस्वती देवी, बबीता चौहान, ऊषा,मेघा भुजवाण, सचिन झिँक्वाण, सुरेन्द्र राणा, सुनैना, दीपिका तथा सेविका बबीता आदि उपस्थित थे।


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