चारधाम यात्रा मे जीवनदायनी बन रहा है एसटीईएमआई प्रोग्राम, चमोली मे असामान्य हृदय रोगियों को समय पर मिल रहा उपचार।

 चमोली/ज्योतिर्मठ।

              चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुविधा संपन्न बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। यात्रा मार्ग पर संचालित एसटीईएमआई प्रोग्राम तीर्थयात्रियों के लिए जीवनदाता साबित हो रहा है।

              जनपद चमोली में बदरीनाथ यात्रा मार्ग पर 14 स्थानों पर ईसीजी जांच और थ्रोम्बोलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इनमें बदरीनाथ धाम, एमआरपी जोशीमठ, गडोरा, मंडल, लंगासू, गौचर, गोविंदघाट और पीएचसी गौचर सहित कई केंद्र शामिल हैं। वहीं गंभीर हृदय रोगियों के उपचार के लिए जोशीमठ, गोपेश्वर और कर्णप्रयाग में थ्रोम्बोलिसिस सेंटर स्थापित किए गए हैं। विभाग के अनुसार अब तक 148 तीर्थयात्रियों की जांच की जा चुकी है। इनमें 5 तीर्थयात्रियों की स्थिति गंभीर पाई गई, जिनका तत्काल उपचार किया गया। एक मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद बदरीनाथ धाम से हेली एम्बुलेंस के जरिए एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया। वहीं 47 असामान्य मामलों में तीर्थयात्रियों को उपचार और निगरानी की जा रही है। 

          एसीएमओ डॉ. वैष्णव कृष्णा ने बताया कि जनपद में स्थापित एसटीईएमआई केंद्रों पर आई-पैड युक्त डिजिटल ईसीजी मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। जांच रिपोर्ट तुरंत चिकित्सालयों और स्वास्थ्य निदेशालय तक पहुंच जाती है, जिससे समय रहते उपचार मिलने से मरीजों को सुरक्षित रखा जा रहा है। 

क्या है एसटीईएमआई---------------

            एसटी-सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्क्शन एक गंभीर और जानलेवा हार्ट अटैक है। इसमें हृदय की कोरोनरी धमनी पूरी तरह बंद हो जाती है, जिससे हृदय की मांसपेशियों तक रक्त प्रवाह रुक जाता है। समय पर उपचार न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकता है।

क्या है थ्रोम्बोलिसिस थेरेपी---------------

               थ्रोम्बोलिसिस एक आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया है, जिसमें रक्त वाहिकाओं में बने थक्कों को दवाओं के जरिए घोलकर सामान्य रक्त प्रवाह बहाल किया जाता है। इसे क्लॉट बस्टर थेरेपी भी कहा जाता है।

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