श्री रामलीला महायज्ञ के तीसरे दिवस सीता स्वयंबर व परुशराम-लक्ष्मण संवाद के दृश्यों का हुआ भव्य मंचन, चौथे दिवस मंगलवार को वन गमन के दृश्यों का होगा मंचन।

 ज्योतिर्मठ।

       सीमांत धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ज्योतिर्मठ मे श्री नृसिंह-नव दुर्गा सेवा समिति के तत्वाधान मे आयोजित रामलीला महायज्ञ के तीसरे दिवस सोमवार को धनुष यज्ञ, सीता स्वयंबर एवं परुशराम-लक्ष्मण संवाद के दृश्यों का शानदार मंचन हुआ।

       रामलीला के प्रथम दृश्य मे राजा जनक द्वारा शिव धनुष को तोड़ने वाले भूपति से अपनी पुत्री सीता का विवाह रचने का प्रण लिया लेकिन जब सभी शिव धनुष उठाने मे विफल रहे तो राजा जनक द्वारा विलाप करते हुए क्षत्रिय वंश को ही ललकारने पर लक्ष्मण का क्रोधित होना, भगवान राम द्वारा लक्ष्मण को शांत करना, गुरु विश्वामित्र द्वारा श्री राम को शिव धनुष को तोड़ने का आदेश व सीता स्वयंबर के उपरांत भगवान परुशराम का जनक की सभा मे पहुंचना और शिव धनुष के टूटने पर क्रोधित होना व परुशराम-लक्ष्मण संवाद तक के दृश्यों का शानदार मंचन हुआ जिसे देखने के दर्शक देर रात्रि तक पांडाल मे जमे रहे।

      चौथे दिवस मंगलवार को भगवान श्री राम का माता सीता व लक्ष्मण के साथ वन गमन, राजा दसरथ का विलाप, सुमंत का श्री राम को वन की सीमा पर छोड़कर लौटने का भाऊक करने वाले दृष्यों का मंचन होगा।

       नृसिंह नव दुर्गा सेवा समिति के तत्वाधान मे आयोजित रामलीला महायज्ञ के तृतीय दिवस पर बतौर मुख्य अथिति बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, विशिष्ठ अथिति के रूप मे सीमा सड़क संगठन की 21 टास्क फोर्स के कमाण्डर कर्नल अंकुर महाजन,  उत्तराखंड कर्मकार बोर्ड के सदस्य कृष्णमणि थपलियाल, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ अभिमन्यु सिंह, एसडीओ सुमन, रेंज ऑफीसर गौरव नेगी, सेनि युवा कल्याण अधिकारी प्रकाश चन्द्र सती, एवं महिला मंगल दल मारवाड़ी व चुनार उपस्थित रहे, जिनका नव दुर्गा सेवा समिति द्वारा स्वागत -सम्मान किया गया।

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