ज्योतिर्मठ।

    विद्या भारती से सम्बद्ध सरस्वती शिशु मंदिर ज्योतिर्मठ मे शिशु नगरी प्रदर्शनी कार्यक्रम के तहत नन्हें मुन्ने बच्चों द्वारा अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी के अनुरूप विषय की पूर्ण जानकारी ने दर्शकों को बेहद प्रभावित किया।

       शिशु नगरी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ बतौर मुख्य अथिति बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती एवं विशिष्ठ अथितिगण पालिका सभासद जयदीप मंन्द्रवाल, ग्राम पंचायत डुंग्रा की प्रधान रीना देवी, संभाग निरीक्षक मुरलीधर चंदोला, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शम्भू प्रसाद चमोला, सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य बद्री सिंह नेगी, प्रबंन्ध समिति के अध्यक्ष प्रदीप फर्शवान, कोषाध्यक्ष विवेक बिष्ट व मातृ भारती की संयोजका सुष्मिता पंत ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

           दीप प्रज्जवलन एवं बैज अलंकरण कार्यक्रम के उपरांत अथितियों द्वारा शिशु नगरी का भ्रमण किया गया, शिशु वाटिका संयोजिका दीपा पंवार व सह संयोजिका वर्षा राणा के निर्देशन मे छोटे छोटे बच्चों द्वारा तैयार की गई प्रदर्शनी की सराहना की।

     शिशु नगरी प्रदर्शनी के बाद आयोजित हुए सांस्कृतिक समारोह मे शिशु कक्षा से पंचम कक्षा तक के भैय्या बहिनों एवं मातृ भारती द्वारा  सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियाँ प्रस्तुत की गई।

      

       मुख्य अथिति बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने कहा कि शिशु नगरी कार्यक्रम मे जो कुछ भी प्रदर्शित किया गया बच्चों को उसकी पूर्ण जानकारी थी यह काबिलेतारीफ है, उन्होंने कहा कि विद्या भारती से सम्बद्ध विद्यालयों से निकले छात्र छात्राएं संस्कारवान होते हैं यह सर्वविदित है, उन्होंने विश्वास ब्यक्त करते हुए कहा कि आद्य जगदगुरु शंकराचार्य की तपोभूमि ज्योतिर्मठ मे स्थापित विद्या भारती से सम्बद्ध विद्यालयों मे अध्ययनरत छात्र निश्चित ही प्रदेश व देश का नाम रोशन करंगे।

    बीकेटीसी उपाध्यक्ष श्री सती ने सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज एवं सरस्वती शिशु मंदिर ज्योतिर्मठ की आवश्यकता को देखते हुए जनरेटर की व्यवस्था करने की घोषणा की।

  

    विद्यालय के आचार्य ओम प्रकाश के संचालन मे हुए समारोह को सम्बोधित करते हुए कार्यक्रम के मुख्य वक्ता संभाग निरीक्षक मुरलीधर चंदोला ने विद्यालय मे शिशु वाटिका की आवश्यकता एवं शिशु नगरी के माध्यम से प्रदर्शनी के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला, उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन दर्शन का आधार ही शिक्षा के साथ साथ चरित्र एवं संस्कार का निर्माण करना है और विद्या भारती से सम्बद्ध विद्यालय निरंतर इस दिशा मे कार्य कर रहे हैं।

             कार्यक्रम अध्यक्ष सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शम्भू प्रसाद चमोला ने शिशु नगरी प्रदर्शनी एवं छोटे छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई सांस्कृतिक प्रतुतियों की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें बेहद प्रसन्नता हो रही है कि उनके विद्यालय से निकली हुई छात्राएं आज शिशु मंदिर मे मातृ भारती की सदस्याएं हैं और अपने पाल्यों को भी सँस्कारित शिक्षा देने के उद्देश्य से सरस्वती शिशु मंदिर मे पढ़ा रही हैं। उन्होंने दोनों विद्यालयों के लिए जनरेट व्यवस्था का आश्वासन दिए जाने पर बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती का विद्यालय परिवार की ओर से आभार ब्यक्त किया है।

        

                 सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य बद्री सिंह नेगी ने विद्यालय के पठन पाठन एवं अन्य क्रियाकलापों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए आंगतुक अथितियों व अभिभावकों का स्वागत किया। उन्होंने मुख्य अथिति बीकेटीसी के उपाध्यक्ष श्री सती का शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

          इस अवसर पर भाजपा नगर अध्यक्ष अमित सती, संकुल जोशीमठ के प्रधानाचार्य संतोष भण्डारी, रणजीत सिंह राणा, जानकी प्रसाद डिमरी, विनोद असवाल के अलावा विद्यालय के आचार्यगण मंजू कपरुवाण, दीपा पंवार, ऊषा पंवार, वर्षा राणा, शिवांगी बिष्ट, अंजनी, बबीता चौहान, अवतार सिंह घरिया, अनिल पंवार, मातृ भारती की सदस्याएं, अभिभावक, विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के आचार्य एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।