ज्योतिर्मठ,।
महर्षि वाल्मीकि जयंती के कार्यक्रमों के तहत बुधवार को जय श्री राम, जय हनुमान, जय गुरु वाल्मीकि के नारों के साथ भव्य शोभा यात्रा का आयोजन किया गया। नगर क्षेत्र जोशीमठ में महर्षि वाल्मीकि शोभायात्रा वाल्मीकि मंदिर से नरसिंह मंदिर- सिंहधार- मारवाड़ी चौक- अपर बाजार- छावनी बाजार होते हुए महर्षि वाल्मीकि मंदिर तक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के अवसर पर अनेक प्रकार के अखाड़े का कर्तव्य दिखाए गए। शोभायात्रा के साथ मां सीता एवं लव कुश की कुटिया की आकर्षक झांकी सजाई गई, यात्रा में भगवान राम एवं लक्ष्मण भी आकर्षण का केंद्र रहे सुंदर रथ पर भगवान राम एवं लक्ष्मण विराजमान थे साथ ही रथ पर वीर हनुमान अपने भगवान राम की सेवा में विलीन थे।
इस अवसर पर अनेक प्रकार के नृत्य कलाकारों द्वारा दिखाए गए मुख्य आकर्षण शिव तांडव मां काली का नृत्य एवं राधा कृष्ण के अनेक प्रकार के नृत्य आकर्षण का केंद्र रहे झांकी मैं बाहुबली बजरंगबली भगवान श्री राम के रथ के आगे रक्षक के रूप में सुशोभित थे भजन कीर्तनों के साथ-साथ बैंड बाजों की धुन पर भी स्थानीय दर्शक भगवान की अद्भुत झांकी में नृत्य करते दिखाई दिए।
सीमांत धार्मिक एवं पर्यटन नगरी जोशीमठ-ज्योतिर्मठ में वर्ष 1984 से अनवरत भगवान वाल्मीकि प्रकट दिवस पर शोभायात्रा निकाली जा रही है इस झांकी का उद्देश्य लोगों को बुरे मार्गों को छोड़कर सत्य अहिंसा के मार्गों पर चलने का आवाहन किया गया। इस अवसर पर बाल्मिक समाज के किशन, अनिल कुमार, बबलू, चमन, झरिया,ऋषिपाल, विशन, मुकेश, शिवम, गौरव, महिपाल, सुरेश, राजू आदि सैकड़ो वाल्मीकि समाज के नवयुवक माताएं बहने बच्चे सम्मिलित रहे। अनिल कुमार ने बताया कि इस शोभायात्रा हेतु नगर के व्यापार सभा, व्यापारियों एवं नगर की संभ्रांत जनता एवं पुलिस प्रशासन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा, वाल्मीकि समाज जोशीमठ ने सभी का आभार किया है।
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