भाजपा धर्म संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक/ज्योतिष्पीठ ब्यास पद से अलंकृत प्रख्यात कथा वाचक आचार्य शिव प्रसाद ममगाईं ने कहा कि चारधाम शीतकालीन गद्दी स्थलों की यात्रा स्वागत योग्य है, और शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ वर्ष 2009-10 से शुरू हो गया था, तब चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष सूरत राम नौटियाल ने शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ किया था।
आचार्य ममगाईं ने कहा कि वर्ष 2020 के जनवरी"माघ"मास मे उन्होंने चारधाम विकास परिषद का उपाध्यक्ष रहते भी शुरू किया था।
उन्होंने कहा कि सन्त महात्माओं द्वारा इस वर्ष 27 दिसंबर से शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ किए जाने की सूचना है,27 दिसंबर पौष मास कृष्णपक्ष की प्रतिपदा तिथि है और सूर्य दक्षिणायन है, ऐसे मे इस तिथि पर चारधाम शीतकालीन यात्रा का शुभारंभ शास्त्र सम्मत नहीं कहा जा सकता।
चारधाम तीर्थपुरोहित हकहकूक धारी महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी के अनुसार शीतकालीन चारधाम पूजा स्थलों तक की यात्रा की कोई नई शुरुआत नहीं है, वर्ष 2009-10 मे श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति का सदस्य रहते हुए उन्होंने स्वयं भी शीतकालीन पूजा स्थलों तक पहुंची यात्रा का स्वागत किया था।
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