बदरीनाथ/जोशीमठ, 29 सितंबर।
श्री बदरीनाथ धाम यात्रा ने रफ्तार पकड़ ली है। वर्षात के बाद तीर्थयात्रियों के पहुंचने का क्रम जारी है। अभी तक तेरह लाख अस्सी हज़ार से अधिक तीर्थयात्रियों ने श्री बदरीनाथ धाम के दर्शन कर लिए है।
शुक्रवार से श्राद्ध पक्ष शुरू होते ही पहले दिन दोपहर तक सात हजार तीर्थ यात्री श्री बदरीनाथ धाम पहुंचे। श्री बदरीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल तीर्थ में पित्रों के श्राद्ध के लिए तीर्थयात्रियों के आने का क्रम जारी रहा।
पहले दिन पूर्णिमा- प्रतिपदा श्राद्ध पर तीर्थयात्रियों ने अलकनंदा नदी में स्नान कर ब्रह्मकपाल तीर्थ मे पिंडदान तथा तर्पण कर पितरों का आशीर्वाद लिया और पीटर मोक्ष की कामना की। यह क्रम पित्र विसर्जन अमावस्या 14 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
उल्लेखनीय है कि ब्रह्मकपाल के विषय में मान्यता है भगवान नारायण की महिमा से यहां पर भगवान शिव को ब्रह्महत्या के पाप से मुक्ति मिल गयी थी,तथा ब्रह्मा जी का कटा हुआ शीश भगवान शिव के हाथ पर चिपक गया था वह छिटक कर अलकनंदा के तट बदरीनाथ मंदिर के बायें तरफ गिर पड़ा था इस स्थान का नाम ब्रह्म कपाल अर्थात ब्रह्मा जी का सिर हो गया।
श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि श्राद्ध पक्ष शुरू होते ही बदरीनाथ धाम यात्रा हेतु पहुंच रहे तीर्थयात्रियों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है।
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