पिथौरागढ़,17अगस्त।
जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने आज महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य को ज्ञापन देते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि अगर स्टाफ नहीं भेज सकते तो बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय मुनस्यारी को बंद कर दिया जाए।
उन्होंने कहा कि अनिवार्य स्थानांतरण में भी मुनस्यारी वालो का संशोधन हो रहा है, तो फिर यहां कौन आयेगा? ऐसी स्थिति में इस विभाग की योजनाएं कैसे आम जनता तक पहुंचेंगी ?
जिले के भ्रमण में पहुंची उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्य को ज्ञापन सौंपते हुए जिला पंचायत सदस्य श्री मर्तोलिया ने कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय मुनस्यारी में तीन सुपरवाइजर, एक सीडीपीओ के पद खाली है।
दो लिपिक तथा दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पद भी रिक्त चल रहे है। उन्होंने कहा कि एकमात्र सुपरवाइजर इस कार्यालय को चला रही है। इस कारण से सरकार द्वारा घोषित योजनाएं आम जनता तक नहीं पहुंच पा रही है, वहीं पंचायत प्रतिनिधियों को भी विभाग के साथ कार्य करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अनिवार्य स्थानांतरण एक्ट के अनुसार निदेशालय पहले कर्मचारी एवं अधिकारियों की मुनस्यारी की ओर नियुक्ति करती है, उसके बाद इन अधिकारी एवं कर्मचारियों का स्थानांतरण मुनस्यारी पहुंचने से पहले ही संशोधन कर अन्यत्र कर दिया जाता है।
उन्होंने इशारा किया कि मंत्री महोदया आपके निदेशालय में स्थानांतरण का यह क्या खेल चल रहा है।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर उत्तराखंड सरकार तथा उनका मंत्रालय मुनस्यारी स्थित बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय में सृजित पदों के मुताबिक नियुक्ति नहीं कर सकती है, तो उसे इस कार्यालय को बंद करके यह साबित कर देना चाहिए कि मुनस्यारी उत्तराखंड के मानचित्र में नहीं है।
उन्होंने कहा कि मुनस्यारी आने वाले कर्मचारी एवं अधिकारियों को इसलिए बुखार आ जाता है, क्योंकि उनका स्थानांतरण रोकने के लिए स्वयं विभाग नियमो की धज्जियां उड़ा रहा है। बार-बार कार्यालय बंद करने की बात सुनकर मंत्री चौकी जरूर,लेकिन बोली कुछ भी नहीं।
जिला पंचायत सदस्य द्वारा बार-बार इस बात को उठाने के बाद मंत्री द्वारा कहा गया कि देहरादून जाकर वह इस मामले को देखेगी।
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