वनभूमि हस्तांतरण के कारण कोई भी विकास कार्य न रुके,विभागीय अधिकारी स्वयं निस्तारण के लिए समन्वय स्थापित करें:----डीएम।।

गोपेश्वर/चमोली,07अगस्त।
जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने सोमवार को वीसी के माध्यम से जनपद में विभिन्न विभागों के अन्तर्गत वन भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रकरणों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में वन भूमि हस्तांतरण के कारण कोई भी विकास कार्य न रूके। विभागीय अधिकारी स्वयं लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए प्रभागीय वनाधिकारी से संपर्क एवं समन्वय स्थापित कर जिला स्तर से प्रस्ताव शासन को भेजें। किसी कारण से जो प्रकरण निरस्त होने है उनको निरस्त किया जाए। ऐसे प्रकरण जिनमें आपत्तियां लगी है, उनका तत्काल निस्तारण करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी। इस दौरान लोनिवि, पेयजल निगम, सिंचाई, पिटकुल आदि विभागों के अन्तर्गत लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई।
बैठक में वन भूमि हस्तांतरण के सैद्धान्तिक स्वीकृति हेतु लंबित प्रकरणों की जानकारी देते हुए बताया गया कि जनपद के अन्तर्गत कुल 44 वन भूमि हस्तंारण के प्रस्ताव विभिन्न स्तर पर लंबित है। जिसमें से प्रस्तावक विभाग के पास 32, एसडीएम स्तर पर 02, प्रभाग के पास 03, नोडल अधिकारी स्तर पर 05, तथा राज्य व भारत सरकार स्तर पर एक-एक प्रस्ताव है।
वीसी में डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे, अपर जिलाधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी सहित लोक निर्माण विभाग के सभी डिवीजनों के अधिशासी अभियंता एवं सहायक अभियंता उपस्थित थे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ