जोशीमठ भू धंसाव प्रभावितों ने फिर भरी हुंकार,एक दिवसीय धरना देकर सीएम को भेजा ज्ञापन ।।

जोशीमठ,03जुलाई।
जोशीमठ भू धंसाव प्रभावितों ने करीब दो माह के इंतजार के बाद एक बार फिर आंदोलन की हुंकार भर दी है।सोमवार को जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के आव्हान पर एक दिवसीय ध्यानाकर्षण धरना देकर एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
   
जोशीमठ आपदा प्रभावितों की 11 सूत्रीय मांगों पर तीन महीनों के आंदोलन के बाद विगत 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता मे सभी मांगो पर सहमति बनी थी,लेकिन दो महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी कार्यवाही न होने से एक बार फिर आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
  प्रभावित परिवारों ने तहसील परिसर मे एक दिवसीय धरना देकर एसडीएम के माध्यम से 11सूत्रीय मांगों पर शीघ्र कार्यवाही की मांग की।
   जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति की 11सत्रीय मांगों मे संपूर्ण जोशीमठ को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित करते हुए नुकसान की भरपाई किए जाने,देश की शीर्षस्थ आठ वैज्ञानिक संस्थाओं की सर्वेक्षण रिपोर्ट को सार्वजनिक करने,बेनामी भूमि पर काबिज लोगों को स्थानीय स्तर पर भूमि बंदोबस्त कर भूमि उनके नाम किए जाने,सेना द्वारा ली गई भूमि का भुगतान किए जाने,घोषित मुआवजा नीति मे होम स्टे को व्यावसायिक श्रेणी से हटाने,स्थाई विस्थापन/पुनर्वास की ब्यवस्था होने तक एक वर्ष तक वैकल्पिक ब्यवस्था किए जाने,2010 मे एनटीपीसी के साथ हुए समझौते को लागू किए जाने, तपोवन-विष्णुगाड परियोजना एवं हेंलग-मारवाड़ी बाईपास पर स्थाई रोक लगाए जाने आदि प्रमुख हैं।
   ज्ञापन देने वालों मे जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती, प्रवक्ता कमल रतूड़ी, कोषाध्यक्ष संजय उनियाल,पूर्व सभासद प्रकाश नेगी आदि थे। एक दिवसीय ध्यानाकर्षण धरना प्रदर्शन मे बड़ी संख्या मे प्रभावित परिवारों,महिला मंगल दलों व स्थानीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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