प्रधानमंत्री की वाइब्रेंट विलेज योजना को मूर्तरूप देने मे सहायक होगा"सोल ऑफ स्टील एक्सपीडिशन"ब्रिगेड कमांडर अमन आनन्द ने ध्वज देकर टीम को रवाना किया।।

------- प्रकाश कपरूवाणं।
जोशीमठ,07 जून।
भारत की सीमावर्ती गांवों में वर्षभर चहल पहल रहे,सीमान्तवासियों को अपने गावों में ही रोजगार मिले और गांवों की मूलभूत आवश्यकताएं पूरी हो इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाइब्रेंट विलेज योजना तैयार की है और भारत सरकार के मंत्रीगण देश की अंतराष्ट्रीय सीमाओं से सटे देश के पहले गांवों मे प्रवास कर वास्तविकताओं को नजदीक से देख समझ रहे हैं।
प्रधानमंत्री की वाइब्रेंट विलेज योजना को मूर्तरूप दिया जा सके इसके लिए भारतीय सेना के सहयोग से "सोल ऑफ स्टील"एक चुनौतीपूर्ण अभियान की शुरुवात की है जिसका शुभारंभ बीती 4 जनवरी को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया था।
इसी कड़ी मे उत्तराखंड राज्य की अंतररष्ट्रीय सीमाओं तक पहुंचने का एक चुनौतीपूर्ण अभियान का शुभारंभ नौ स्वतंत्र पर्वतीय ब्रिगेड ग्रुप के कमांडर ब्रिगेडियर अमर आनन्द ने किया।
औली-जोशीमठ मे हुए एक शानदार कार्यक्रम मे ब्रिगेडियर आनन्द ने अभियान दल को ध्वज प्रदान कर रवाना किया।
इस "फ्लैग ऑफ सेरेमनी" कार्यक्रम मे स्थानीय सुनील एवं परसारी की महिला समूहों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियां प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर सेना के जांबाजों द्वारा मार्सल आर्ट का प्रदर्शन भी किया गया।
गौरतलब है कि  देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा से सटे 628 गांवों की आबादी लगभग नगण्य सी हो गई है, जिसका प्रमुख कारण सीमावर्ती गांवों मे मूलभूत सुविधाओं का अभाव व रोजगार की समस्या है। इस दिशा मे अब भारत सरकार ने वाइब्रेंट विलेज योजना पर कार्य शुरू किया है, जिसका उद्देश्य गाँवों मे ही रोजगार बढ़ाने से पूर्व वहाँ बिजली,पानी,सड़क,संचार व स्वास्थ्य सुविधाओं को विकसित करना है।
औली मे आयोजित हुए इस कार्यक्रम में नीती-माणा घाटियों के सभी गांवों के ग्राम प्रधान,सरपंच व बड़ी संख्या मे ग्रामीण मौजूद रहे।

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