वन पंचायत सरपंच एवं वन बीट अधिकारियों की एक दिवसीय कार्यशाला में सीमान्त ब्लॉक जोशीमठ के प्रमुख हरीश परमार ने कहा कि वन पंचायतों को और अधिक सशक्त बनाये जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वन विभाग व वन पंचायतों को सयुंक्त जिम्मेदारी लेते हुए वृक्षारोपण सहित अन्य वानिकी कार्यों के संरक्षण व संवर्धन की दिशा मे ठोस कार्य किए जाने की जरूरत है।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के डीएफओ बी वी मार्तोलिया ने कहा कि प्रकृति ने हमें भरपूर खजाना दिया है जरूरत है उसके बेहतरीन दोहन,संरक्षण एवं प्रबंधन की। उनका कहना था कि यारसा गम्बू"कीड़ा जड़ी" से जीवन और भी बेहतर हो सकता है,लेकिन इसके कानूनी पहलुओं को समझते हुए इसका दोहन किया जाना चाहिए।
उप प्रभागीय वनाधिकारी एसएस रावत ने कहा कि उन्हें वन बीट अधिकारी के रूप मे वन पंचायत सचिव के दायित्व का निर्वहन करते हुए वन पंचायतों की आय बढ़ाने मे महत्वपूर्ण कार्य किये जो आज तक निरंतर संचालित हो रहे है।
नन्दा देवी राष्ट्रीय पार्क एवं जनदेश संस्था द्वारा आयोजित इस कार्यशाला के मास्टर ट्रेनर लक्ष्मण नेगी ने सूक्ष्म नियोजन,वार्षिक प्लान,वन पंचायत नियमावली 2012 एवं पंचायतों के एकाउंट लेखन आदि की विस्तृत जानकारी दी। वन पंचायतों से जुड़े रहे बहादुर सिंह रावत एवं रघुबीर सिंह चौहान ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला मे रेंज अधिकारी गौरव नेगी,वन दरोगा बलवंत गुसाईं,वन पंचायत सरपंच संघ के अध्यक्ष प्रकाश पंवार,सरपंच भगवती प्रसाद सेमवाल,मोहन सिंह फर्स्वाण,गोपाल सिंह नेगी, भाल चंद्र चमोला, हर्षबर्धन भट्ट, देवग्राम के प्रधान देवेन्द्र सिंह रावत, गुडबीर सिंह चौहान,कलावती देवी व ममता सती आदि मौजूद रहे।
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