-------- प्रकाश कपरुवाण।
जोशीमठ,02मार्च।टंगणी तल्ली के जाख देवता छः महीने के देवरा यात्रा भ्रमण उपरांत बृहस्पतिबार को अपने मूल स्थान के लिए प्रस्थान हुए, इस अविस्मरणीय पल का गवाह बनने के लिए हजारों भक्तों ने टंगणी तल्ली पहुंचकर जाख देवता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
टंगणी तल्ली के जाख देवता करीब 82 वर्षों के अंतराल के बाद देवरा यात्रा भ्रमण पर निकले थे, छः माह के भ्रमण के दौरान जाख देवता वसुधारा-माणा से लेकर देवलधार तक के सभी गांवों मे देव मिलन व आशीष देने के लिए पहुंचे।
जाख देवता के अपने मूल स्थान मे प्रस्थान से पूर्व गत 20 फरवरी से मेला स्थल पर अनेक धार्मिक अनुष्ठान संपादित हुए,20 फरवरी को बानातोली पहुंचने के बाद गणेश भात्ता,कुबेर,इंद्र, महादेव भात्ता,नंदा माता भात्ता,जाख देवता भात्ता,पंच/विश्वकर्मा भात्ता,दक्षिण काली भात्ता,पाण्डव भात्ता,पुजारी/ पश्वा/धारी भात्ता,के बाद बुधवार 01 मार्च को ध्याणी भात्ता का आयोजन हुआ जिसमें सैकड़ों ध्याणीयों के साथ ही हजारों भक्तों ने कार्यक्रम स्थल पहुंचकर जाख देवता के दर्शन/पूजन व प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान डुमक के बजीर देवता सहित क्षेत्र के सभी देवी-देवताओं ने अवतरित होकर भक्तों को आशीष दिया।
ध्याणी भात्ता के दिन ही भ्ररात्रा/रात्रि जागरण कार्यक्रम भी हुआ और 18 मुखौटों का नृत्य भी हुआ जिसे देखने व दर्शनों के लिए भक्तगण पूरी रात कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।
ब्रहस्पतिबार को जाख देवता के मूल स्थान पर प्रस्थान से पूर्व का क्षण बेहद भावुक करने वाला रहा,छः माह से जाख देवता देवरा भ्रमण के लिए नियुक्त धारीयों का जाख देवता से बिछुड़ने का दर्द साफ देखा गया, जाख देवता के निशाण-लाठ से किसी तरह धारियों को छुड़ाकर मूल स्थान के लिए प्रस्थान कराया गया।
शुक्रवार 03 मार्च को हवन,यज्ञ व पूर्णाहुति के साथ ही जाख देवता अपने मूल स्थान पर विराजमान होंगें।
जाख देवरा समिति के अध्यक्ष प्रदीप भट्ट ने देवरा यात्रा भ्रमण के दौरान एवं जाख देवता के मूल स्थान मे प्रस्थान से पूर्व के सभी धार्मिक कार्यक्रमों मे सहयोग के लिए क्षेत्रवासियों व ध्याणीयों का समिति एवं ग्राम पंचायत टंगणी तल्ली की ओर से आभार ब्यक्त करते हुए जाख देवता से सभी की मनोकामना पूर्ण करने की कामना की है।
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