गोपेश्वर/चमोली,27फरवरी।
मातृत्व स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा गोपेश्वर मे संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम एवं महिला स्वास्थ्य कार्यकत्रियों को गर्भवती महिलाओं की देखभाल के संबध में महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई।
प्रशिक्षक डॉ कोमल ने कार्यशाला में बताया कि गर्भधारण के 3 माह के अंदर गर्भवती को प्रसव पूर्व जांच का पंजीकरण करवाना जरूरी है। प्रसव पूर्व जांच करने से किसी भी प्रकार की परेशानी का शुरुआती दौर में पता लगने से आसानी से समस्या को दूर किया जा सकता है। इसके लिए सरकार ने प्रसव पूर्व मुफ्त जांच की व्यवस्था की है। नियमित टीकाकरण से गर्भवती महिला की रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और गर्भ में पल रहे बच्चे का भी संक्रमण से बचाव होता है। कार्यक्रम प्रबंधक नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मातृत्व मृत्यु दर कम करने के लिए जनपद चमोली में प्रत्येक सोमवार और माह की प्रत्येक 9 तारीख को शिविर लगाए जाते है। जिसमें उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर ,उपचार किया जाता है। आशा कार्यकत्री को उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला को चिन्हित करने के लिए 100 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। हाई रिस्क प्रेगनेंसी वाली गर्भवती महिला को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत वाहन व्यय हेतु 100 रुपये दिए जाते है। सुरक्षित संस्थागत प्रसव के 42 दिनों बाद आशा को 500 रुपये प्रसूता की देखभाल के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। कार्यशाला में आशा, एएनएम एवं स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
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