------ प्रकाश कपरूवाण।
जोशीमठ,10 जनवरी।
प्राचीन शहर जोशीमठ में भूस्खलन और मकानों में दरार की स्थिति का जायजा लेने आज पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत देश के प्रसिद्ध भू-वैज्ञानिक प्रो. हरीश चंद्र नैनवाल जी और डॉ. द्वारिका प्रसाद डोभाल जी के साथ पहुंचे।
पूर्व मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विपदा हमेशा नहीं रहती, उन्होंने राहत शिविर में प्रभावित परिवारों से विपदा की इस खड़ी में धैर्य रखने का आग्रह किया, उनसे मुलाकात कर उनका दुख-दर्द बांटा- इस विपदा में पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घोर विपदा में हम जोशीमठ की जनता-जनार्दन के साथ खड़े हैं। भगवान नृसिंह संकट की इस घड़ी में जोशीमठ की रक्षा करें, ऐसी मैं प्रार्थना करता हूँ
उन्होंने कहा कि चैलेंज बहुत बड़ा है और विशेषज्ञों की राय लेकर निर्णय लिए जाने की जरूरत है। जोशीमठ हमारी विरासत है, और आज के वैज्ञानिक युग मे काफी कुछ बचाया जा सकता है।सरकार जोशीमठ को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र रावत सुबह हेलीकॉप्टर से जोशीमठ पहुंचे, उन्होंने वैज्ञानिक दल के साथ मारवाड़ी मे निकल रहे जल का अवलोकन किया। इसके उपरांत उन्होंने सिंहधार, मनोहर बाग, ज्योतिर्मठ आदि क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया और राहत शिविरों मे जाकर लोगों का ढांढस बंधाया।
पूर्व मुख्यमंत्री के भ्रमण के दौरान उनके साथ राज्य मंत्री रामकृष्ण सिंह रावत, जिला महामंत्री कुलदीप वर्मा,सुभाष डिमरी, पूर्व पालिकाअध्यक्ष रोहणी रावत, भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष जगदीश सती, जिला मंत्री लक्ष्मण फरकिया, कृष्णमणि थपलियाल, माधव सेमवाल,आदि अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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