पूरा शहर भू धंसाव से प्रभावित,राज्य सरकार का रिस्पॉन्स निराशाजनक:-हरीश रावत।,जोशीमठ भू धंसाव राष्ट्रीय आपदा घोषित हो:--करन माहरा।।

जोशीमठ,09जनवरी।
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जोशीमठ भू धंसाव प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण व प्रभावितों के दुःख दर्द मे सम्मलित होने के बाद सोमवार को पत्रकार वार्ता मे कहा कि जोशीमठ ने चेतावनी पहले ही दे दी थी,लेकिन राज्य सरकार का रिस्पॉन्स बेहद धीमा रहा और स्थिति की गंभीरता के अनुरूप जो कदम उठाए जाने चाहिए वो नहीं उठाया गया।
पूर्व सीएम श्री रावत ने कहा कि जोशीमठ के हर घर मे दरार हैं,पहाड़ो के घर-,मकानों पर दरार का मतलब वो घर रहने लायक नहीं।उनका कहना था कि पूरे शहर का विस्थापन कर एक नया जोशीमठ बसाना होगा और पुराने जोशीमठ का बेहतरी से ट्रीटमैंट करना होगा।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जोशीमठ कोई साधारण स्थान नहीं है,यह धरती सभ्यता का केंद्र है,सनातन धर्म के प्रारुर्धभाव के स्थली के साथ ही भगवान नरसिंह साक्षात रूप से विद्यमान है। यह स्थान हर तरह से महत्वपूर्ण है यहाँ का एक एक कण महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने स्थानीय विधायक, संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से मिलकर एक ज्ञापन तैयार किया है,जिसे अगले एक दो दिन मे सीएम को सौंपेंगे।
पत्रकार वार्ता मे मौजूद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि जोशीमठ के साथ तभी न्याय होगा जब इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाय। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह जोशीमठ की प्रभावित जनता के साथ है,पार्टी स्तर पर भी एक कमेटी का गठन किया जा रहा है, भूगर्भ वेत्ताओं से भी अलग से संपर्क किया गया है।
 कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष/  बीकेटीसी के पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि जोशीमठ का हर ब्यक्ति दुःखी व मायूस है, इस समय आपदा के कारणों की तह मे जाने से महत्वपूर्ण राहत बचाव,पुनर्वास तथा इस पौराणिक नगर को बचाने की है।
श्री गोदियाल ने कहा कि जोशीमठ के घर मकान किसी भी हालत में रहने लायक नहीं रह गए। जोशीमठ के सभी प्रभावितों को केदारनाथ/बद्रीनाथ की तर्ज पर मुआवजा दिया जाना चाहिए।
पत्रकार वार्ता के दौरान बद्रीनाथ के विधायक राजेन्द्र भण्डारी,कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मुकेश नेगी, अनुकृति गुसाँई, ब्लॉक प्रमुख हरीश परमार, हरीश भण्डारी, प्रकाश रावत आदि अनेक लोग मौजूद रहे।

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