जोशीमठ भू धंसाव:-विस्थापन यदि हो तो जोशीमठ के ही आसपास:----- संघर्ष समिति।।

जोशीमठ,17जनवरी।
जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति द्वारा मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता मे स्पष्ट किया कि यदि नया जोशीमठ बसाना है तो जोशीमठ के ही आसपास ही किसी सुरक्षित जगह पर बसाया जाना चाहिए, जोशीमठ का निवासी अपनी सांस्कृतिक विरासत को छोड़कर जोशीमठ से बाहर कहीं भी विस्थापित नहीं होगा।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के संयोजक अतुल सती ने जानकारी दी कि संघर्ष समिति को प्रशासन ने टनल के भीतर निरंतर कार्य किए जाने की आशंका को लेकर वार्ता के लिए आमंत्रित किया था,जिसमें जिला प्रशासन की ओर से सुझाव था कि संघर्ष समिति चार लोग नामित करें जिन्हें टनल के दोनों ओर से निरीक्षण कराया जाएगा ताकि शंका का समाधान हो सके।
श्री सती ने कहा कि संघर्ष समिति जल्द ही चार नाम तय कर प्रसाशन को देगी।
संयोजक श्री अतुल सती ने कहा कि 12 दिनों से लगातार धरना चल रहा है और संघर्ष समिति पिछले 14 महीनों से भू धंसाव को लेकर आंदोलनरत है, सरकारों को चेतावनी के बाद भी संज्ञान नहीं लिया गया और आज ऐतिहासिक शहर उजड़ रहा है। राहत व बचाव कार्यो मे जो तेजी दिखनी चाहिए वो नहीं दिख रही।
भू धंसाव की चपेट मे आने वाले मकानों की संख्या दिनप्रतिदिन बढ़ती जा रही है, लोग अपने ही शहर मे अपने घरों को छोड़कर अपने ही शहर के होटलों व स्कूलों में जीने को विवश हैं।
श्री सती ने कहा कि संघर्ष समिति ने जोशीमठ के बिगड़ते हालात को संवारने के लिए प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया है, जिसमे इस भीषण आपदा के लिए एनटीपीसी की जिम्मेदारी तय करते हुए उनसे परियोजना लागत का दोगुना जुर्माना वसूलने के साथ ही एनटीपीसी की इस विनाशकारी परियोजना एवं हेलंग-मारवाड़ी बाईपास निर्माण को बन्द करने तथा इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने सहित अन्य मांगों को सम्मलित किया है।
संयोजक श्री अतुल सती ने जानकारी दी कि संघर्ष समिति ने पहले 26 जनवरी को एनटीपीसी के घेराव व तालाबंदी का एलान किया था उसमें परिवर्तन किया जा रहा है क्योंकि उस दिन गणतंत्र दिवस के साथ ही बसंत पंचमी का त्यौहार व भगवान बद्रीविशाल के कपाट खुलने का मुहूर्त भी निकलना है, इसलिये सभी की राय के बाद घेराव की तिथि तय की जाएगी।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष शैलेन्द्र पंवार ने जोशीमठ की आपदा व आपदा के संकेत को सबसे पहले देश दुनिया तक पहुंचाने के लिए सभी स्थानीय पत्रकारों का संघर्ष समिति व जोशीमठ की जनता की ओर से आभार ब्यक्त किया। संघर्ष समिति के सचिव/प्रवक्ता कमल रतूड़ी ने भी पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
पत्रकार वार्ता के दौरान समिति के कोषाध्यक्ष संजय उनियाल, रोहित परमार आदि भी मौजूद रहे।

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